28 July, 2010

दहशत के साए में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे

कमोर ए सी सी के द्वारा रोज ही बड़े स्तर पर कई-कई बार ब्लास्टिंग की जाती है. केमोर बस्ती से सटी ए सी सी की पत्थर की खादने  है जहा से फक्ट्री को पत्थर पहुच्या जाता है. इनमे कभी भी बारूद के प्रयोग से ब्लास्ट किया जाता है.
इस हेवी ब्लास्ट के कारण केमोर नगर तथा आस-पास के गांवो के मकानों में मोटी-मोटी दरारे आ गई है. नित्य हो रहे ब्लास्ट इन जर्जर भवनों को और भी जर्जर बना रहे है,  प्रसाशन के उच्च अधिकारी अपनी आखे और कान बंद कर बैठे है. आम जनता यहाँ हर पल किसी भी अनहोनी के कारण भाय्भीत्त रहती है.
घर हो या विद्यालय लोग भय के साये में जीवन गुजारने मजबूर है. सैकड़ो बार यहाँ की इस समस्या से विजयराघवगढ़ के तहसीलदार और एस डी एम् को लिखित शिकायत दी गई लेकिन इस जानलेवा समस्या को हल करने में कोई भी जरा सी भी रूचि नहीं ले रहा. अजीब बात है की जिन प्रशासनिक अधिकारिओ के कंधो पर न्याय दिलाने की जिम्मेवारी है वे ही स्वयं कम्पनी के रहमो करम पर अपने जीवन की सुख सुविधाओ को प्राप्त कर रहे है,
केमोर और आस पास के बहुत सरे गांवो के मकानों व विद्यालयों के दीवार, छत में मोटी-मोटी दरारे हो गई है जो कभी भी भरभरा के ढह सकती है. यहाँ के एक गाँव बम्हान्गावा  के शासकीय माध्यमिक शाला का भवन इस हेवी ब्लास्टिंग के कारण कुछ ज्यादा ही क्षतिग्रस्त हो चूका है, 
सरकारी विद्यालयों  में पढने वाले विद्यार्थी वैसे भी गरीब तबके के होते है. इन गरीबो की  मजबूरी ही है की वे अपने नौनिहालों को हर क्षण किसी हादसे की बाट जोहते इस जर्जर विद्यालय में पढ़ने भेज रहे  है. स्कूल के प्रधान
यहाँ कार्यशील एक एन जी ओ सोसल एकेडमी फार हुमन असिस्तंस एंड जस्टिस ने जिला कलेक्टर को लिखित आवेदन में मांग की है की ए सी सी कंपनी हेवी ब्लास्टिं को तत्काल बंद करे और क्षतिग्रस्त मकानों को तत्काल मरम्मत कराए.  जर्जर बम्हान्गावा   शाला का नवनिर्माण तत्काल पुनः कराया जाए जिससे स्कूली बच्चो के जीवन को कोई खतरा न रहे.