08 August, 2010

हेड स्टार्ट योजना में करोडो का घोटाला

अखिलेश उपाध्याय
कटनी. जिले में माध्यमिक  शालाओ में हेड स्टार्ट केन्द्रों  में अध्ययनरत बच्चो को कम्प्यूटर  शिक्षा देना अनिवार्य है. यह योजना वर्ष  2006 से संचालित है लेकिन जिले की छेह जनपद शिक्षा केंद्र की समस्त हेड स्टार्ट केंद्र का जायजा लेने पर जो नजारा देखने मिला वह चोकने वाला एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी कर्मचारियो के भ्रष्टाचार की कहानी बयां करता है.

कटनी जिले में कटनी, विजयराघवगढ़, बहोरिबंद , धीमार्खेदा , बडवारा कुल छेह जान शिक्षा केंद्र में 2006 से राजीव गाँधी शिक्षा मिसन  के माध्यम से कम्पुटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इन जनपदों के चुनिन्दा विद्यालयों में हेड स्टार्ट की व्यस्था की गई थी. 01 .04 .2010 के भौतिक सत्यापन के बाद कुल  67  विद्यालयों में हेड स्टार्ट केंद्र संचालित है लेकिन क्या किसी भी बिद्यालय के एक भी विद्यार्थी को कम्पुटर के बारे में शिक्षा दी गई ? नहीं.

जबकि प्रत्येक हेड स्टार्ट केंद्र में रखरखाव हेतु इस वर्ष दस हजार प्रति केंद्र के मान से कुल दो लाख अस्सी हजार रूपये की राशी  एक जुलाई को राज्य शिक्षा केंद्र ने भिजवा दिया  है. इसका मतलब इतनी ही राशी हर वर्ष जिले में हेड स्टार्ट केन्द्रों के रखरखाव हेतु आती रही है. अर्थात इन चार वर्षों में लगभग ग्यारह लाख अस्सी हजार तो मात्र इसके रखरखाव में खर्च हो गए. और इससे एक भी बच्चा लाभान्वित नहीं हुआ है.

क्या है योजना
हेड स्टार्ट केन्द्रों में माध्यमिक शाला में अध्ययनरत कक्षा छेह से आठ तक  के ब्बच्चो को बेच बना कर  प्रतिदिन एक घंटे कम्पुटर शिक्षा देने का प्रावधान है. लेकिन  शिक्षा देना तो दूर हेड स्टार्ट के अधिकांश कम्पुटर  बंद पड़े धूल खा रहे है.
  .
धूल खा रहे कम्पुटर
कटनी जिले में लंचलित सडसठ हेड स्टार्ट केंद्र में प्रतेयेक केंद्र में तीन - तीन कम्पुटर एवं वेटरी प्रदान की गई थी लेकिन देख रेख के आभाव में बेटरिया ख़राब होकर कोने में पड़ी है. कई जगहों  पर तो सामान जस का तस पड़ा है.




राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र क्रमांक आई ई सी/हेड स्टार्ट/2010 /4934 भोपाल दिनक 01 .07 .2010 में स्पष्ट निर्देश दिए गए है की कम्पुटर की स्थापना  के पूर्व चयनित कक्ष पूर्ण रूप से तैयार हो आवस्य्कतानुसार कक्ष की मरम्मत, प्लास्टर, पुताई, सुरक्षा की द्रष्टि से खिड़की व दरवाजो की मरम्मत आदि.

जिला शिक्षा केंद्र द्वारा यह प्रयास किया जाए की कंपूटर फर्नीचर  के स्थान पर स्थाई व मजबूती की द्रष्टि से कम्पुटर कक्ष में सीमेंट का निर्धारित उचाई का प्लेटफार्म जिसमे ऊपर कडप्पा पत्थर लगा हो लगाया जावे
कक्ष पूर्णतः सुरक्षित हो तथा वर्षा के पानी से अब्प्रभित  हो
कम्पुटर प्रदाय वेंडर द्वारा एक जुलाई से पंद्रह जुलाई के  मध्य तथा यु पी एस एवं बैटरी का प्रदाय भी दस जुलाई से पच्चीस जुलाई के मध्य किया जाए . उपकरणों की स्थापना बीस जुलाई से दस अगस्त के बीच करने के निर्देश दिए गए है.
आकस्मिक निधि
दिनांक 01 .04 .2010 की स्थिति के अनुसार समस्त कार्यशील हेड स्टार्ट केन्द्रों की संख्या के अनुसार पंद्रह हजार रूपये प्रति विद्यालय प्रतिवर्ष की दर से आकस्मिक निधि भी दी गई है. इस राशी से विद्युत् का बिल, सुरक्षा, प्रिंटर सामग्री, स्तेसनरी, पेन ड्राईव आदि का क्रय करने हेतु किया जा सकता है.

इस वर्ष हेतु हेड स्टार्ट के लिए स्वीकृत राशी का व्योरा
वर्ष 09 -10 में उन्नयन किये गए हेड स्टार्ट केंद्र = 28
प्रति हेड स्टार्ट डस हजार की मद से               =  २,28 ,०००
कन्तान्जेंसी की राशी प्रति हेड स्टार्ट १५,०००   =  10 ,05 ,०००
इंसोरेंस 500 /- प्रति विद्यालय                          = 33 ,500

वर्ष २०१०-११ के लिए जिले के लिए हेड स्टार्ट के लिए कुल स्वीकृत राशी = 13 ,18 ,500