24 August, 2010

बेरोकटोक बिक रही है अवैध शराब

मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहा प्रशासन
अखिलेश उपाध्याय / कटनी
आबकारी विभाग की शह पर शहर और ग्रामीण  क्षेत्रो में अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा  है. शराब के अवैध कारोबार में पूरा  रैकेट काम कर रहा है. इनका चैनेल शहर से लेकर गावो  तक फैला हुआ है. पुलिस भी इन कारोबारियो के साथ मिलकर मूक दर्शक बनी खुलेआम तमाशा देख रही है. सूत्रों के अनुसार इस कारोबार में बर्दी वालो से लेकर सफेदपोश लोग भी शामिल है.
सस्ती देते है शराब
शराब का अवैध कारोबार करने वाले माफिया पुलिस और आबकारी विभाग से मिलकर सीधे तौर पर शराब कंपनियों से माल खरीद लेते है. इस माल की एंट्री नहीं होने के कारण यह शराब ठेकेदारों से भी कम दाम पर मिल जाती है. गली मोहल्लो में एजेंटो के माध्यम से बिकने वाली यह शराब ठेके की दुकान से कम कीमत में मिल जाती है और पीने वालो को वक्त वे वक्त मोहल्ले में ही उपलब्द्ध हो जाती है.
ढाबो  और होटलों पर सप्लाई
शराब के अवैध कारोबारी अपना माल खपाने के लिए ढाबो और होटलों पर भी माल की सप्लाई करते है. ढाबा संचालक भी सस्ती शराब का अबैध स्टाक करके  अधिक मुनाफा कमाते है. यही नहीं अधिकांश ढाबो और होटलों में अबैध रूप से बार भी चलाया ज रहा है. जिसे आबकारी और पुलिस विभाग जान बूझकर अनदेखा कर देता है. कभी कभार दिखाबा  करने के लिए शराब के अवैध कारोबारियो को पकड़ने के लिए अभियान भी चलाया जाता है. जो मात्र खानापूर्ती और लेनदेन के बाद रफा दफा कर दिया जाता है.
कच्ची का बोलबाला
क्षेत्र में अंग्रेजी शराब के अवैध कारोबार के बीच कच्ची शराब की भी काफी बहुत मांग  है. क्षेत्र के अधिकांश गावो में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाई और बेची जाती है. गावी में देशी कच्ची शराब की काफी मांग है. इसके आलावा शहरी क्षेत्र में गाव से अवैध रूप से कच्ची  दारू बुलाई जाती है. शहरो में भी कच्ची दारू के शौकीनों की कमी नहीं है. समाज के गरीब तबके और मजदूर वर्ग देशी शराब का अधिक सेवन करता है.