10 August, 2010

टूट जाती है तो गरीब जनता.

अखिलेश उपाध्याय
कटनी. स्वास्थय विभाग में बैठे adhikari   एवं कर्मचारी बेशर्मी की हद तक जाकर खुले आम भ्रष्टाचार machaye  हुए है. फिर चाहे वह जननी सुरक्षा योजन के चेक वितरण हो या आशा जैसे छोटे से पद की नियुक्ति का मामला हो. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में पदस्थ बी एम् ओ गुलाब तिवारी का  bhrashtachar के चलते स्थानांतरण हो चूका है लेकिन अपनी चलती बेला में मिले पंद्रह दिनों के समय में वे आशा की भरती में बसूले गए पैसे से अनुचित तरीके अपनाकर भरती करके nikal  लेना चाहते है.

रीठी जनपद की  छप्पन ग्राम पंचायतो में आशा की पदस्थापना होनी थी. डाक्टर तिवारी ने पहले चरण में आधी पंचायतो में जमकर पैसे लेकर भरती करी थी. मजेदार बात तो यह है की बी एम् ओ गुलाब तिवारी एक पंचायत से आए सरपंच सचिव  के प्रस्ताव को दरकिनार कर अपने दलालों द्वारा खबर देकर छेह महीने  पहले बदले सरपच के पुराने प्रस्ताव भी मगा  लेते है.

फिर शुरू होती है उस उम्मेदवार की तलाश जो पैसा फेक कर नियुक्ति करा ले. बेरोजगारी की मार झेल रहे ग्रामीण  कर्जा करके यहाँ वहा से पैसे का इंतजाम करते है. और फिर उन रसूखदार पैसे वालो को यह छोटा सा पद दे दिया जाता है जो यह काम करेगे ही नहीं.

जननी  सुरक्षा के लिए प्रसूता को अस्पताल तक पहुचने के  के लिए आशा एक प्रेरक का काम करती है ऐसे में यदि बड़ी  समाज की महिला का इसमें पैसा ले दे कर चयन किया जाता है और जिससे गरीब मजदूर एवं हरिजन भयभीत  र्क़हते है  की आधी रात को यदि वे इस ऊचे जात  वालो को फोन करेगे तो सिवाय उन्हें दुत्कार के और कुछ नहीं मिलने वाला है.

आशा जैसे कमीशन के पद के लिए बी एम् ओ रीठी गुलाब तिवारी सी एम् ओ के नाम पर दस से पंद्रह हजार रूपये बसूल रहे है. चूकी जिले में पदस्थ समस्त बी एम् ओ जिले के स्वास्थ्य विभाग के सबसे ऊचे  अधिकारी के कमीसन एजेंट है इसलिए उनकी शिकायत करने पर कोई भी सुनवाई नहीं होती और टूट  जाती है तो गरीब जनता.