08 August, 2010

मोबाईल फोन उठाते ही मौत

अखिलेश उपाध्याय
अगर आपके मोबाइल पर 14 अंको के नंबर से फोन आ रहा है तो उस काल को रिसीव न करना अथवा फोन के दूसरी तरफ से राधे-राधे बोलने को कहा जाए तो ऐसा हरगिज नहीं कारण अन्यथा यह काल आपके जीवन का अब्तिम काल  हो सकती है.


ऐसी अफवाहे इन दिनों मध्य प्रदेश ही नहीं अन्य प्रदेशो में काफी सरगर्म है. जिससे मोबाईल धारक काफी परेशान और कई तो मन में अजीब से संशय की स्थिति में जी रहे है.

विगत तीन-चार दिनों से कटनी, सागर, दमोह, जबलपुर, बिलासपुर, इन्दोर, मुंबई, रायपुर इत्यादि सभी शहरो में कथित डेथ काल की अफवाह जोरदार ढंग से उड़ाई जा रही है. इससे परेशान लोग अपने मोबाईल पर आने वाले काल को भी रिसीव करने से भी कतरा रहे है.


फिजा में घुली मोबाईल नम्बरों की अफवाह की सरगर्मी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है की गली, मोहल्लो और चोराहो पर लोग केवल इसी सम्बन्ध में बातचीत करते नजर आ रहे है.

जिसे देखो वह इस सम्बन्ध में अपने-अपने स्तर से खबरों को परोस रहा है. किसी का कहना है की लाल नंबर से आने वाले काल को रिसीव न करे, अन्यथा आपकी जान को खतरा हो सकता है. इसके अलाबा कुछ कह रहे  है की अनजाने नंबर से आने वाले काल को रिसीव करने पर सामने वाला राधे-राधे  बोलने को कहता है और अगर आपने राधे-राधे बोल दिया तो  आपके जीवन पर आफत आ सकती है तो कोई कह रहा  है की उस काल को तो हरगिज  ही रिसीव नहीं करना जिसके फोन  नंबर के अंको की संख्या १४ हो, अन्यथा काल रिसीव करते ही मोबाईल में विस्फोट  हो सकता है.

स्थिति यह है की खुद पुलिस विभाग तथा एयरटेल कंपनी वालो तक से आम लोगो ने बात कर डाली लेकिन कही से उनको संतुष्टि दिलाने वाला  उत्तर नहीं मिला.

प्रदेश के अन्य जिलो की तरह  यहाँ भी यह मामला दिनों दिन इतना संगीन होता जा रहा है की लोग सामान्य हादसों को भी मोबाईल कांड से जोड़ रहे है,  हाल ही में एक ग्रामीण की हार्ट अटैक से मौत हो जाने के मामले में भी लोगो का कहना है की  अनजाने नंबर से आए काल को रिसीव करने के बाद  ही उस ग्रामीण की मौत हो गई. इसके अलाबा लोगो के बीमार पड़ने की खबर को भी इसी से जोड़कर बताया जा रहा है,

मोबाईल कांड ने शहर के कुछ लोगो को तो इतना भयभीत कर दिया है की वह अपने रिश्तेदारों और शुभचिंतको को फोन  लगाकर कथित  डेथ  काल  वाले नंबर बता रहे है और हिदायत दे रहे है की इन नम्बरों से आने वाले फोन को कतई  रिसीव नई किया जाये.

लेकिन इतना तो तय है की यह महज एक अफवाह है और नागरिको को भी इस अफवाह से बचना चाहिए. कुछ शरारती तत्वों का हाथ इस तरह की अफवाह को फ़ैलाने वाला हो सकता है. इसमें सच्चाई लेशमात्र भी नहीं है.