01 September, 2010

अस्पताल परिसर में गंदगी से संक्रमण की आशंका

अखिलेश उपाध्याय / कटनी
शासकीय अस्पतालों में साफ़ सफाई की सुचारू व्यस्था करने हेतु समय-समय पर निर्देश जारी किये जाते रहे है तथा सम्बंधित अधिकारिओ को भी निर्देशित किया जाता रहा है की वे चिकित्सालयों का आकस्मिक निरिक्षण  कर वहा सही सफाई व्यस्था हो ऐसा सुनिश्चित करे. परन्तु प्रायः देखने में आ रहा है की इस सम्बन्ध में शासन के निर्देशों का समुचित रूप से पालन नही हो रहा है. इस संबंद्ध में जनप्रतिनिधियो एवं आम जनता से दिन प्रतिदिन शिकायते भी सम्बंधित अधिकारिओ को की जाती है परन्तु ऎसी शिकायतों की ओर भी ध्यान नहीं दिया जाता.

मध्यप्रदेश शासन लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग मंत्रालय द्वरा इन निर्देशों में इस बात पर भी जोर दिया गया की सफाई व्यस्था में सुधार लाने का आशय मात्र सफाई से नहीं होकर यह भी सुनिश्चित करना है की चिकित्सालयों में ऎसी व्यवस्था कायम की जाए जिससे वहा आने वाले रोगी अस्पताल परिसर की गंदगी से संक्रमित नहीं हो. साथ ही अच्छी गुड वत्ता  की चिकित्सा सेवाए उपलब्द्ध हो.

कटनी जिला अस्पताल में सफाई व्यस्था कुछ विशेष आयोजन के दिन तो ठीक हो जाती है परन्तु बाद में उन पर विशेष ध्यान नही दिया जाता. नियमित रूप से सफाई हो ऐसी व्यस्था यहाँ बिलकुल भी नहीं है. अस्पताल परिसर में ड्रेनेज की माकूल व्यस्था नही है तथा बायोमेडिकल वेस्ट के डिस्पोजल एवं विनष्टीकरण हेतु समुचित उपाय भी नहीं किये गए है. अस्पताल परिसर में ऎसी कोई भी पक्की व्यस्था नही की गई है जिससे अस्पताल परिसर में संक्रमणों को बढ़ावा न मिले एवंम संक्रमण नियंत्रण हेतु कोई भी कदम नहीं उठाये गए है. तथा भवनों की रंगाई पुताई भी नहीं करई जाती है.

जिला अस्पताल के जब हाल बेहाल है तो तहसील के अस्पतालों के तो हाल समझ ही सकते है. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में अस्पताल कचराघर बना है. यहाँ टायलेट के लिए मरीज तथा उसके परिजनों को बाहर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है क्योकि गंदगी से बजबजाते संडास में कोई भी नहीं जाना चाहता. सफाई कर्मचारी पता नहीं क्या सगाई करते है.

जबकि उपरोक्त कार्यवाही के लिए लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के बजट के अलावा  रोगी कल्याण समिति के संसाधनों का भी उपयोग नियमानुसार स्वीकृति प्राप्त कर किया जा सकता है. ड्रेनेज सिस्टम के सुद्रधीकरण  मल निष्कासन  एवं नियमित साफ़ सफाई की व्यस्था हेतु एस आई पी की मेचिंग ग्रांट योजना के तहत रोगी कल्याण समिति से वंचित मेचिंग ग्रांट प्राप्त करने की कार्यवाही प्रचलित निर्देशों का पालन करते हुए की जा सकती है.

जबकि शासन के इस निर्देश पत्र में यह भी लिखा है की दुर्व्यस्था पाए जाने पर सम्बंधित चिकित्सालय प्रभारी तो उत्तरदायी होगे ही साथ ही साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी भी अपने उत्तरदायित्व से बाच नहीं सकेगे. लेकिन शायद शासन के इन दिशानिर्देशो का कटनी जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी बिलकुल भी पालन नहीं कर सकते