02 September, 2010

गोलिया कूड़े दान में फैक दी जाती है ?

अखिलेश उपाध्याय / कटनी
स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी नियम कायदों की धज्जिया उड़ा रहे है तभी तो कटनी जिले की रीठी तहसील में अराजकता का माहौल है. रीठी ब्लाक में ऐसे कई स्वास्थ्य केंद्र है जिनके ताले ही नहीं खुलते उनमे से एक है शासकीय उपस्वास्थ्य केंद्र देइरू जाका जहा पदस्थ एम् पी डब्लू, तथा दो नर्स  मुख्यालय में न रहकर रीठी में किराये से रह रहे है.
देओरी उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ एम् पी डब्लू देवेन्द्र राय रीठी सस्मुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जननी सुरक्षा योजना के चेक वितरण का कम देखते है और फील्ड पर एक भी दिन नहीं जाते. बी एम् ओ गुलाब तिवारी के कमीशन एजेंट के रूप में प्रति चेक सौ से दो सौ रुपया चेक वितरण में बसूला जा रहा है.
देवरी उप स्वास्थ्य केंद्र की यह तस्वीर स्वयं अपनी कहानी बयां कर रही है की यह कब-कब और महीने में कितनी बार खुलता होगा.

देवरी में दो नर्से रीना दास मेरी और मीरा कार्यरत है लेकिन ये दोनों भी रीठी में निवास करती है ऐसे में यहाँ के निवासिओ को  बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है  थोड़ी सी भी बीमारी में इनको या तो रीठी अस्पताल भागना पड़ता है या फिर प्राइवेट डाक्टरों  के हाथो लुटने विवश होना पड़ता है.

ग्रामीणों को तो यह तक नहीं पता की देवरी में किस नाम का व्यक्ति पदस्थ है. गाँव के लोग तो स्पष्ट रूप से कहते है की भैया हमने इस अस्पताल को कभी खुला हुआ नहीं देखा.

गरीबो के लिए आई स्वास्थ्य सुविधाओ का फिर किसको लाभ मिल रहा है. यहाँ के लिए आने वाली दवा और अन्य पौष्टिक विटामिन की गोलिया क्या कूड़े दान में फैक दी जाती है ?