04 September, 2010

बिजली जाते ही मरीज हो जाते है बेहाल

अखिलेश उपाध्याय / कटनी
नगर के सिविल अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी तादात में मरीज इलाज कराने आते है लेकिन अस्पताल के बार्ड़ो   में बिजली पानी की उचित व्यवस्था न होने के करण मरीजो को परेशान होना पड़ रहा है. जबकि अस्पताल में बिजली व्यस्था के लिए इन्वेर्टर व जनरेटर की पर्याप्त  व्यवथा  है लेकिन अस्पताल में कर्मचारी एवं डाक्टर ही इसका उपयोग कर रहे है. वही मरीज बिजली ने होने से बेहाल हो रहे है.

सिविल अस्पताल में प्रतिदिन पंद्रह से बीस प्रसव होते है. नवजात शिशु के जन्म के बाद जच्चा और बच्चा दोनों को प्रसूति में भेज दिया जाता है लेकिन इस वार्ड का नजारा यह है की बिजली चले जाने के बाद यहाँ इस वार्ड में भरती जच्चा-बच्चा की स्थिति कष्टप्रद हो जाती है. अस्पताल में इन मरीजो को गर्मी से निपटने  के लिए कोई व्यस्था नहीं की जाती है.

अन्य कोई व्यस्था नहीं.
 सिविल अस्पताल में प्रसूति वार्ड में जनरल वार्ड में बिजली चले जाने के बाद मरीजो का जीना दूभर हो जाता है. हालाकि अस्पताल में मरीजो की सुविधा के लिए जनरेटर तथा इनवर्टर की सुविधा तो है लेकिन इसका उपयोग सिर्फ डाक्टरों के कमरों में ही होता है जो बिजली जाने के बाद पंखे चलाकर आराम से कमरों में बैठते है. जो सुविधा मरीजो के लिए होनी चाहिए उसका लाभ डाक्टरों और अस्पताल में पदस्थ अन्य कर्मचारियों द्वारा उठाया जा रहा है.

वार्ड ही हालत दयनीय
सिविल अस्पताल जनरल वार्ड सहित अन्य वार्डो में बिजली गुल हो जाने सहित अन्य वार्डो में बिजली गुल हो जाने के बाद जिन   वार्डो में कही पंखे लगे है जिनमे से कई पंखे ख़राब पड़े हुए है मौसम में हो रहे लगातार परिवर्तन के कारण अस्पताल में आने वाले मरीजो की संख्या में काफी ईजाफा हुआ है इस कारण  जनरल वार्ड में मरीजो की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है. बिजली चले जाने के करण वार्ड में अक्सर मरीजो को अपने हाथ के पंखे से हवा करनी पड़ती है.