14 September, 2010

परिवार, परिवेश, परंपरा और पराक्रम से शिक्षक अनजान ?

अखिलेश उपाध्याय / कटनी
विद्यालयों में विद्यर्थियो को केवल  किताबी ज्ञान ही नही दिया जाना चाहिए अपितु उसके समग्र विकास को सुनिश्चित करने का उत्तरदायित्व भी हम सबका है. अतः शालाओ में कक्षावार गतिविधिया कराये जाने की कार्ययोजना फ़िलहाल जिले के किसी भी विद्यालय में लागू नहीं की गई है.

गतिविधिओ का उद्देश्य
स्वयं व परिवार के बारे में जानना और अपने परिवेश को समझना. अपने पूर्वजो के कार्यो व उपलब्धियों के पार्टी सम्मान का भाव जाग्रत करना. अपनी संस्कृति, परंपरा व रीती रिवाज के प्रति गौरब की भावना रखना. देश की रक्षा में बलिदान देने वाले वीर महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता का भाव तथा उनके जीवन से प्रेरणा प्राप्त करना. देश के ऐतिहासिक व संस्कृतिक धरोहर को जानना तथा उनका सरक्षण करना. अपने देश की भौगोलिक विशेषताओं व मौसम के प्रभाव को जानना व जागरूकता रखना.

इस कार्यक्रम के तहत कक्षा एक व दो के शाला में नवप्रवेशी विद्यार्थियो को अपने घर व परिवार के बारे में समझ बनाने के लिए निम्न गतिविधिया कराये जाने के निर्देश थे-

स्वयं के बारे में जानना
बच्चा अपने बारे में तथा माता पिता व भाई बहन का नाम जाने तथा दादा, दादी, व नाना-नानी के बारे में जानकारी कक्षा एक में मौखिक रूप से तथा दो में अभ्यास पुस्तिका में लिखने को कहे.
अपने परिवार तथा पड़ोस में रहने वाले व्यक्तिओ के बारे में कक्षा में कक्षा के बच्चो के बीच मौखिक रूप से बताने को शिक्षक कहे.
बच्चों से उनके घर के बारे में बातचीत की जाए. उनसे पूछा जाये की उनके बायी और दायी ओर कौन-कौन रहता है. इसी तरह घर के सामने और पीछे कौन-कौन रहता है यह बताने को कहा जाये.

कक्षा तीन, चार और पांच के विद्यर्थियो के लिए

शिक्षको को राज्य शिक्षा के द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया था की वे विद्यार्थियो से निम्न कार्य से अवगत कराये-
अपने माता-पिता, दादा-दादी, परदादा, परनाना, परनानी के बारे में जानकारी बुजुर्गो से पूछकर लिखने को कहे.
उनके परिवार के बारे में जानकारी संकलित कर अपने घर का नंबर, मोहल्ला, विकासखंड, तहसील और जिले के नाम सहित अभ्यास पुस्तिका में लिखवाये.
अपने निवास का पता मौखिक रूप से कक्षा में बताने को कहे. बच्चो को अपने घर के पहुच मार्ग के बारे में मुख्य-मुख्य चिन्हों और दये बाये मोड़ के साथ बताने का अभ्यास कराये.
अपने गाँव शहर के बारे में निम्नानुसार जानकारी-बुजुर्गो से पूछकर अभ्यास पुस्तिकाओं में लिख्बाये जैसे-
गाँव में उपलब्द्ध पेयजल श्रोत
- कुआ, बावड़ी आदि को किसने बनवाया, कब बना आदि व वर्तमान उपयोग कैसा हो रहा है. उनके संरक्षण के बारे में चर्चा करे.
- गाँव में यदि कोई ऐतिहासिक और दर्शनीय स्थल हो तो उसका भ्रमण कराये और उसके बारे में जानकारी दे जैसे-किस काल में बनाया गया, किसने बनवाया, बनाने में उपयोग की गई सामग्री. स्थल का ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व आदि.
- गाँव का नाम कैसे पड़ा, उसके बारे में जानकारी संकलित करे.
- गाँव में मनाये जाने वाले तीज-त्यौहार, रीती-रिवाज पर जानकारी एकत्रित करने को कहे जैसे-सामूहिक रूप से कौन-कौन से त्यौहार
मनाये जाते है. त्यौहार मनाने की क्या मान्यताये है त्यौहार मनाने के परंपरागत तरीके कौन-कौन से है, त्यौहार से क्या सन्देश मिलता है आदि.
- ग्राम की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोक कथाये तथा कहावतो आदि के बारे में बताये एवं बच्चो से लिपिबद्ध करवाए.
- गाँव में कोई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ने वाले सैनिको से सम्बंधित जानकारी व उनके योगदान के बारे में अभ्यास पुस्तिका में लिखने को कहे. उनके चित्र खोजकर अभ्यास पुस्तिका में चिपक्वाए.
- गाँव में स्थित सहीद स्मारक होने पर उसका भ्रमण करवाए और उनके बारे में पूरी जानकारी बच्चो को दे. जैसे-उनका बचपन कैसे बीता, किनसे प्रेरणा प्राप्त की, देश सेवा में क्या-क्या व कैसे योगदान दिया.
- यदि गाँव का कोई हुनर  प्रसिद्द है तो उसकी जानकारी संकलित करायी जाये.

कक्षा छेह, सात व आठ के विद्यार्थियों के लिए
- बच्चो से अपने परिवार का वंश वृक्ष बनवाए. अपने परिवार के बुजुर्गो से जाने पूर्वजो के बारे में (सात पीढियो की) जानकारी पूछकर अभ्यास पुस्तिका में लिखने को कहे.
- वंशावली तैयार कर कक्षा में सुनाने को कहे.
- क्षेत्र की लोक संस्कृति, लोकगीत, लोक कथाये तथा कहावतो आदि के बारे में बताये एवं बच्चो से लिपिबद्ध करवाए.
- विद्यर्थियो से राष्ट्रीय गीत, कविता, कहानी, कहावते एवं सूक्तियो का संकलन कराकर हस्तलिखित पुस्तिकाए तैयार करवाई जाये.
- अपने आस-पड़ोस में रहने वाले लोगो की जानकारी एकत्रित करवाए. जैसे कौन -कौन रहते है. क्या-क्या व्यवसाय करते है. उनके खान-पान, रीति रिवाज, परम्पराए व तीज  त्यौहार कैसे मानते है आदि.

कक्षा- ९ व १० हेतु
- मोहल्ला/ग्राम का नजरी नक्सा अभ्यास पुस्तिका में बनवाने की गतिविधि करवाए.
- ग्राम में रहने वाले अलग-अलग समुदायों के तीज-त्यौहार, परम्पराओं, रीती-रिवाजो की जानकारी गाँव के गणमान्य व्यक्तिओ से चर्चा कर संकलित कराना तथा उसे अभ्यास पुस्तिका में लिखवाना.
- ग्राम में उपलब्ध औषधीय पौधों की नाम सहित सूची बनवाये तथा ग्राम के जानकार व्यक्तिओ से उसके गुणों की जानकारी एकत्र कर अभ्यास पुस्तिका में लिखवाये.
- प्रदेश के प्रमुख क्रन्तिकारियो, स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने वाले वीरो के योगदान तथा स्वतंत्रता की रक्षा के लिए लड़ने वाले व प्राण न्योछावर कने वाले शहीदों के जीवन परिचय पर जानकारी एकत्रित कर अभ्यास पुस्तिका में लिखवाना.
- उनसे सम्बंधित चित्र खोजकर एल्बम तैयार करना. उन्हें प्राप्त वीरता सम्मान का भी उल्लेख करवाए.
प्रदेश के ऐतिहासिक स्थलों के चित्र एकत्रित कर अभ्यास पुस्तिका में चिपकाना एवं प्रत्येक के बारे में संक्षिप्त टीप तैयार करना जैसे निर्माण किसने व कब किया तथा इस ऐतिहासिक स्थलों की स्थापत्य कला की विशेषताओं और महत्त्व को बत्ताए.
- बच्चो से अपने जिले के बारे में निम्नानुसार जानकारी एकत्रित करवाए-
                   १  जिले में कौन-कौन से विकासखंड है ?
                   २  जिले की प्रमुख नदिया, पर्वत, पत्थर कौन-कौन
                        से है ?
                   ३  जिले में उत्पन्न होने वाली प्रमुख फसले व प्रमुख
                       उद्योग.
                   ४  जिले के दर्शनीय व ऐतिहासिक स्थल और उनका
                        महत्व
                   ५  प्रमुख क्रन्तिकारी-देश की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए
                        बलिदान देने वाले वीरो की शौर्य गाथा  
                      एकत्रित   करवाए तथा शाला की बालसभा में सुनाये.
                      मंचन कराये.
                  ६  स्थानीय मौसम का पेड़ पौधों, फसलो और रहन-सहन
                      पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में    जानकारी  
                      दर्ज   करवाए.
-स्थानीय वैज्ञानिको एवं गनिताग्यो के सम्बन्ध में जानकारी एकत्रित कराना तथा उन्हें अभ्यास पुस्तिका में लिखवाना.

कक्षा - ११ व १२ के लिए
- प्रदेश व देश की प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल और उनके धार्मिक, सामाजिक व सांस्कृतिक मान्यताओं से सम्बंधित जानकारी एकत्रित करना.
-प्रमुख राष्ट्रिय उद्यान व अभयारण्यो में वन्य प्राणी सरक्षण पर जानकारी संकलित करना जैसे - कहा-कहा स्थित है, कौन-कौन से वन्य प्राणी का सरक्षण किया जा रहा व उनकी संख्या आदि.
-१८५७ के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायको के जीवन चरित्र की जानकारी प्रदेश व देश के सन्दर्भ में प्रथक-प्रथक प्राप्त करना तथा उनके जीवन चरित्र को समझाना.

अन्य गतिविधिया-
- राष्ट्रिय गीत व कविता का सस्वर वाचन कर याद करना.
- बच्चो द्वारा संकलित की गई सामग्री की नोटबुक को पुस्तकालय में संधारित करना.
- बच्चो को स्वयं अपने मन से गीत, कहानी, कविता लिखने के लिए प्रेरित करना व उद्देश्य पूर्ण सामग्री का संकलन करना और बाल पुस्तकालय का निर्माण करवाना
- गाँव में कोई रिक्त स्थान वृक्षारोपण हेतु विद्यालय को स्थान उपलब्द्ध है तो बच्चो से उस स्थान  पर पौधे लगवाये तथा उन पौधों का पालन बच्चो के माध्यम से सुनिश्चित कराये. इसके लिए बारी-बारी से देखरेख का कार्य अलग-अलग कक्षा को सौपे.
- स्थानीय सजावट की सामग्री से शाला परिसर को स्वच्छ व सजाने हेतु अलग-अलग कक्षाओं की प्रतियोगिता आयोजित कराये.

उक्त आदेश राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र क्रमांक/अका/एस/10 /1223 भोपाल, दिनांक 01 .04 .2010 ,  अका/एस/10 /1378    भोपाल, दिनांक 12.04 .2010 में यह आदेशित किया गया था की उपर्युक्त समस्त गतिविधिओ का क्रियान्वयन अप्रेल 2010 के प्रथम दो सप्ताहों में अनिवार्य रूप से करवाया जाये इसका फीडबेक जुलाई 2010 में अनिवार्य रूप से प्राप्त किया जाये.
लेकिन कटनी जिले में इस आदेश का कही किसी स्कूल में पालन नहीं क्या गया है, आखिर क्यों............?