15 September, 2010

क्या इसी तरह मरीज अस्पताल में लुटते रहेंगे......

अखिलेश उपाध्याय/ कटनी
स्वास्थ्य विभाग में सेवा के नाम पर लूटने का काम चल रहा है. कटनी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में इस समय जमकर अराजकता का माहोल है. यहाँ आये मरीजो के साथ अमानवीय  व्यवहार किया जाता है. सेवाभावी नर्से नर्सिंग वार्ड में ड्यूटी लगवाने के लिए लड़ म़र जाती है.

सनुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में सुरक्षित प्रसव के लिए आई महिलाओ को खुले आम ड्यूटी नर्स लूट रही है. डिलेवरी रूम में ड्यूटी के लिए यहाँ की नर्से आपस में लड़ जाती है सूत्रों के माने तो कल्पना खान तो बी एम् ओ गाब तिवारी को पंद्रह सौ रूपये मासिक देकर अपनी ड्यूटी लगवाती है जबकि वह मझगवा के लिए नियुक्त की गई है.
नर्सिंग वार्ड में शोभना सेमुअल, जाया चोहान और अंजुला रीठी अपनी ड्यूटी नर्सिंग वार्ड में देती है और इनको ग्यारह हजार से भी अधिक तनखाह मिलती है फिर भी इनका लूटना बदस्तूर जारी है. 

फिर शुरू होता है वक्त वेवक्त आने वाले प्रसव केश से पैसा बसूली का अभियान. इसका ताजा उदहारण सोमवार की शाम को देखने मिला जब रीठी की वर्षा  राजपूत को प्रशव पीड़ा होने पर रीठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भरती कराया गया.
राजपूत परिवार कटनी के लिए अपने निजी वाहन से निकलने की तयारी में था लेकिन  असहनीय प्रसव पीड़ा होने पर मजबूरन रीठी अस्पताल में भरती करना पड़ा. . जब रीठी अस्पताल में वहा की स्टाफ नर्स अंजुला ऋषि  ने प्रसव के बाद छेह    सौ रूपये लिए जिसमे सफाई कर्मी  का पैसा भी शामिल था.

जबकि बस्त्विकता यह है की डिलेवरी का पूरा काम तानी यादव सिस्टर ने संपन्न कराया. लेकिन यहाँ तो जबरन बसूली का जैसे हक़ दिया गया हो ऐसे में तो यही लगता है की इसमें बी एम् ओ गुलाब तिवारी की मौन स्वीकृति है

अस्पताल बना कचराघर
सफाई के नाम पर लगे सफाई कर्मी पता नही क्या सफाई करते है. बाथरूम और लेट्रिन हमेशा गंदे ही मिलते है. रात में रुकने वाले मरीजो को यहाँ पंखा तक की व्यस्था नही है यहाँ का इन्वेर्टर सिर्फ डाक्टर के सुख के लिए है. प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों गर्मी और मच्छर से बेहाल जैसे तैसे अपनी रात गुजारते है.

अनावश्यक दवाईया लिखर मागी जाती है
मरीज अस्पताल आता है तो अस्पताल में पदस्थ डाक्टर और स्टाफ उसे भगवान ही समझ आते है लेकिन उसे क्या पता की जिसके हाथो वह अपना जीवन सौप चुका है वह तो उसे लूट रहा है. रीठी अस्पताल में पदस्थ स्टाफ नर्स इलाज के दौरान मरीजो को कुछ ऎसी अनावश्यक दवाईया लिखते है जिसका उनके मर्ज से कोई मतलब नहीं होता. फिर चुपके से इन दवाओं को आधे में अपने चहेते दवा विक्रेता को बेच दिया जाता है.लुटता है तो बेचारा मरीज.....!

जननी वाहन उठा रहे मुफ्त का पैसा
सोमवार की रात अपने वाहन से आने के बाद भी वर्षा राजपूत के प्रशव के बाद जननी वाहन के ड्राइवर ने आकर अपने रजिस्टर पर हस्ताक्षर करा लिए. जब तक वर्षा और साथ की महिलाओं को कुछ समझ आता तब तक तो ड्राइवर जा चुका था.

रीठी अस्पताल में नर्से लूट रही है, जननी के वाहन संचालक घर पर हुई डिलेवरी को दर्शा कर पैसा वसूल रहे है, फिर चेक वितरण में बाबू लोग अपना कमीशन खुले आम ले रहे, डाक्टर घटिया कंपनी की महगी दवा लिख रहे जबकि वही दवा अच्छी कम्पनी की कम दाम पर मिल रही है.

पता नहीं क्या होगा यहाँ बीमार होने वालो का ? क्या इसी तरह मरीज अस्पताल में लुटते रहेंगे......