30 September, 2010

नाबालिग चला रहे वाहन

अखिलेश उपाध्याय
कटनी. शहर के युवाओं सहित छोटे-छोटे बच्चे जिन्होंने अभी अठारह बसंत भी नहीं देखे है उन बच्चो पर फिल्मो का असर  आसानी से देखा जा रहा है.  चलचित्रों में हीरो द्वारा तेज गति से वाहन चलाने से प्रेरणा लेकर ये बच्चे अपने जीवन को जोखिम में डाल  रहे है. भीड़ भरे बाजारों में तेज गति से मोटरसाईकिल चलाकर ये बच्चे अपनी तथा सड़क पर पैदल चलने वालो की जिंदगी को भी नुक्सान पंहुचा सकते है. हैरत की बात यह है की छोटी-छोटी बात पर चालान काटने वाले ट्रेफिक के सिपाही भी इन पर लगाम नहीं लगा पा रहे है.

जान जोखिम में
सडको पर तेजी से वाहन दौड़ाने वाले लोगो में अधिकांश वे  है जिनकी उम्र अठारह वर्ष से कम है. ये यातायात नियमो का उल्लघन तो कर ही रहे है साथ ही अपनी और दूसरो की जान को भी जोखिम  में डाल रहे है.

पैदल को परेशानी
नगर में तेज वाहन चालको से अन्य वाहन चालक तो परेशान है ही साथ ही सबसे ज्यादा परेशानियो का सामना सडको पर पैदल चलने वाले लोगो को होती है. फ़िल्मी हीरो की तरह सडको पर तेज गति से वाहन चालको की वजह  से महिलाए एवं बच्चो को काफी परेशानियों का सामना काना पड़ रहा है. इन वाहन चालको द्वारा लोगो की परेशानियो की परवाह न करते हुए इनके द्वारा तेज रफ़्तार से वाहनों को नगर की सडको पर दौड़ाया जा रहा है. वही दूसरी ओर ट्रेफिक पुलिस की नजर इन युवाओं पर पड़ती ही नहीं जिसके चलते  इन युवाओं द्वारा तेज रफ़्तार से बाइक दौडाई जा रही है.

पालक भी है जिम्मेदार
नगर की मुख्य सडको से लेकर छोटी-छोटी गालिओ में तेजी से वाहन चलाने वाले चालक आसानी से वाहन चलते देखे जा सकते है. इनके पालको द्वारा भी इन्हें रोकने का प्रयास नहीं किया जाता. कम उम्र में ये वाहन चलाना तो आसानी से सीख जाते है परन्तु इनका ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बनता तो बगैर लाइसेंस के ही वाहनों को दौडाते रहते है. पालको द्वारा गैरजिम्मेदाराना ढंग से इन्हें वाहन सौप दिए जाते है. बच्चो के तेज गति से वाहन चलाने के कारण आये दिन दुर्घटनाये भी होती रहते है.

ट्रेफिक पुलिस निष्क्रिय
यातायात महकमे की आखो के सामने 18 वर्ष के कम उम्र के बच्चे तेज रफ़्तार से वाहन दौडाते गुजर जाते है लेकिन यातायातकर्मी उनकी कोई खबर नहीं लेते. यातायात पुलिस द्वारा किसी नाबालिग पर कार्यवाही नहीं किये जाने  से भी बेख़ौफ़ होकर वाहन दौड़ा रहे है. इनकी जरा सी चूक का खामियाजा इनके साथ-साथ सड़क पर पैदल चल रहे राहगीर को उठाना पड़ता है.