30 September, 2010

आवारा कुत्ते कर रहे हमला

अखिलेश उपाध्या
कटनी. नगरनिगम के अभियान का कोई समय नहीं. जब मर्जी आये चला दिया  जब मर्जी आये बंद कर दिया. ऐसा ही स्वान पकड़ो अभियान के मामले में हो रहा है. इन दिनों शहर की गली कूचो में आवारा कुत्तो का आतंक है. इनकी संक्या इंतनी बढ़ गयी है की स्कूल जाने वाले बच्चो और देर रात काम ख़त्म कर घर आने वालो में आवारा  कुत्तो का भय समाया रहता है.

शहर में आवारा कुत्तो की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नगर निगम का इस ओर ध्यान ही  नहीं है. यह आवारा कुत्ते अचानक ही वाहन चालको और पैदल चलने वालो पर झपट पड़ते है. अचानक हुए हमले से वाहन चालक अपना संतुलन खो देता है और दुर्घटना का शिकार हो जाता है. पैदल चलने वाले व्यक्ति की हालत और ख़राब है. भय का कारण बने इन कुत्तो पर नगर निगम का डंडा नहीं चल पा रहा है.

नगर निगम के पास इस अभियान को जोरो से चलाने में संकट भी है क्योकि  इस अभियान के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियो की जरूरत होती है. विभाग के पास वर्तमान में प्रशिक्षित व्यक्तियों की कमी है और वाहन भी नहीं है जो मांग के अनुसार क्म है. जबकि विभाग के अधिकरी का कहना है की शहर में आवारा कुत्तो को पकड़ने का अभियान समय-समय पर चलाया जाता है. अब फिर से इस अभियान को गति दी जायेगी.

जबकि केंद्र सरकार की योजना के तहत शहरों में इस अभियान को संचालित करने का दायित्व एनजीओ को दिया जाना चाहिए लेकिन कटनी नगर निगम ने अभी तक ऐसा कुछ भी नहीं किया है. जबकि एन जी ओ का काम आवारा कुत्तो को पकड़कर उनकी नसबंदी करने तथा रेबीज का इंजेक्सन लगाने का है.