11 September, 2010

एस पी कलेक्टर को सस्पेंड करो

दो दिन पहले देवास जिले के खाते गाँव में एक रिप्टे पर एक यात्री बस के बह जाने से हुई दुर्घटना के मामले में शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब परिवहन विभाग के अधिकारिओ ने खुलकर देवास के एस पी और कलेक्टर सहित वहा तैनात पुलिस एवं जिला प्रशासन के अधिकारिओ को सस्पेंड करने की मांग की.

अभी तक राज्य सरकार ने इस मामले में परिवहन विभाग के दो अधिकारिओ को सस्पेंड किया है. इनमे देवास के जिला परिवहन अधिकारी एच  के सिंह और एक निरीक्षक शामिल है. सरकार के इस निर्णय से परिवहन विभाग अधिकारी व कर्मचारी संघ आगबबूला हो गया है. संघ के अध्यक्ष गुलाब सिंह रघुबंशी ने परिवहन मंत्री जगदीश देवड़ा और विभाग के प्रमुख सचिव राजन कटोच को चार पेज का ज्ञापन सौपकर इस घटना के लिए जिले के एस पी और कलेक्टर सहित उन अधिकारिओ को भी जिम्मेदार माना है जिनकी नेमावर में आयोजित मेले में ड्यूटी थी.
प्रशासन पर लापरवाही का आरोप
रघुवंशी के नेतृत्व में सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है की आठ सितम्बर को नेमावर में लगने वाले मेले की जानकारी जिला प्रशासन को थी. प्रशासन को यह भी पता था की नेमावर के रस्ते में पड़ने वाले रपटे पर पानी कई फुट ऊपर बह रहा है. इसके बाद भी प्रशासन ने घोर लापरवाही करते  हुए उस रपटे की ओर जाने वाले वाहनों को रोकने का कोई प्रयास नही किया.
आरोप न्यायसंगत नही
ज्ञापन में कहा गया है की राज्य शासन द्वारा सभी बिन्दुओ को नजरअंदाज करते हुए केवल परिवहन विभाग के अधिकारिओ को सिर्फ इस आधार पर सस्पेंड किया गया है की बस के पास परमिट नहीं था. यह आरोप उचित और न्यायसंगत नहीं है. परिवहन विभाग की जिम्मेदारी कार्यालय से परमिट जारी करने की है लेकिन बिना परमिट के वाहनों की रोकथाम की जिम्मेदारी पुलिस एवं जिला प्रशासन की है.
एक भी पुलिसकर्मी तैनात नही था
रघुवंशी ने कहा की जिस बागड़ी नदी पर यह रपटा बना है. और जहा   पानी का तेज बहाव होने की स्थिति में खाते गाँव और कन्नोड थानों द्वारा पुलिस एवं होमगार्ड के जवान तैनात कर रपटे पर परिवहन को रोका जाना चाहिए था  लेकिन बुधवार की शाम पांच बजे हुई इस घटना के समय रपटे के दोनों ओर एक भी पुलिस कर्मचारी तैनात नहीं था . इस रपटे पर दोनों ओर रेलिंग अथवा दीवाल बनाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग की है लेकिन उसे भी जिम्मेदारी से मुक्त माना जा रहा है.
घटना की न्यायिक जाँच हो
रघुवंशी ने इस घटना की न्यायिक जाँच की मांग करते हुए कहा है की यह जाँच पूरी होने तक परिवहन विभाग के अधिकारिओ का निलंबन समाप्त किया जाए और एस पी, कलेक्टर, दोनों थाना प्रभारियो, मेले में तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं लोक निर्माण विभाग के जिम्मेदार अधिकारिओ को भी सस्पेंड किया जाये.