19 September, 2010

राजीव गाँधी जलग्रहण क्षेत्र misan में लापरवाही

करोडो के प्रोजेक्ट फाईलो में कैद
अखिलेश उपाध्याय
राजीव गाँधी जल ग्रहण क्षेत्र मिस्सन के तहत नदियों को पुनर्जीवित करने सम्बन्धी किये गए करोडो के प्रोजेक्ट फाईलो में कैद होकर रह गए है. जिलो में इससे मुह फेर लेने और मानसून की बेरुखी से इस बार फिर पानी के लिए हाहाकार की स्थिति बन सकती है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अप्रेल में पन्ना और रतलाम जिले में भूमिपोजन कर योजना का श्रीगणेश किया था.
लेकिन इसके baad  प्रदेश में ज्यादा काम ही नहीं हुआ है, चौकाने वाली बात तो यह है की अनूपपुर, उमरिया, सीधी और हरदा में तो योजना क्रियान्वयन के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट ही तैयार नहीं की गई. इसी तरह अशोक नगर, दतिया, बडवानी, होशंगाबाद, छिदवाडा, बलाघात, शहडोल एवं डिंडोरी में अब तक कोई काम नहीं हो पाया है.
राजीव गाँधी जलग्रहण क्षेत्र मिस्सन के संचालक उमाकांत उमराव ने जिन जिलो में काम कम हुआ है वहा के कलेक्टरों को फोन करके नाराजगी जताई. संभागायुक्तो को भी स्थिति से अबगत कराया है, जिससे नदियों को पुनर्जीवित किया जा सके.
कटनी जिले में इस हेतु आई राशी विभागीय अधिकारी खर्च तक नहीं कर पाए. प्राप्त आकड़ो में कटनी जिले को कुल  112 .14 karod rupyo  में से 39.01 karod matr   ही खर्च हो सके है.