16 October, 2010

क्यों बिगड़ा मासिक बजट

अखिलेश उपाध्याय
तेजी से बढ़ रही महगाई ने बाजार को गर्म कर दिया है. पिछले माह में खाद्य सामग्री के दामो में बीस फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई. खाद्य सामग्री के दामो में हुई वृद्धि इस बार दीपावली के त्यौहार पर रसोई को ठंडी रखेगी. मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई पर इसका असर अभी से देखा जा सकता है. बेतहाशा बढ़ रही महगाई ने घरो का मासिक बजट भी बिगाड़ दिया है. स्थिति यहाँ तक है की पांच हजार से कम पगार पर काम करने वाले लोग दीपावली के त्यौहार  को लेकर अभी से चिंतित है.
एक माह के राशन पर आठ माह पहले जो परिवार चार हजार रूपये खर्च करता था अब वह उसी राशन  पर करीब पांच हजार रूपये खर्च कर रहा है. पिछले आठ माह में दाल, आटा, घी और दूध के दामो में बीस फीसदी तक बढ़ोत्तरी हुई है. इसने मध्यम बर्गीय परिवारों की गृहणियो का बजट बिगाड़ दिया है. इस दौरान गृहणियो की आर्थिक स्थिति भी कमजोर हुई है. एक गृहणी ने बताया की वह हर माह बजट से पैसो में से 300 -400 रूपये की बचत करती थी लेकिन पिछले कुछ माह से वह बचत नहीं कर पा रही है और पिछले कुछ माह से नहीं हुई बचत दीपावली के त्यौहार पर रसोई को ठंडा करेगी.
पिछले वर्ष खाद्य सामग्री की पैदावार में कमी  होने एवं वायदा व्यापर को बढ़ावा मिलने  के कारण पिछले कुछ समय से खाद्य सामग्री के दामो में लगातार इजाफा हो  रहा है लेकिन मध्यम वर्गीय परिवारों एवं नौकरी पेशा वाले परिवारों की मासिक आय में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है. इस वजह से गृहणियो का मासिक बजट डगमगा गया है, जिसका सीधा असर रसोई पर पड़ रहा है.
दीपावली के त्यौहार के बाद खाद्य सामग्री के दामो में कमी होने की सम्भावना है. दीपावली के बाद बाजार में खाद्य सामग्रियों की नई फसल आ जायेगी. बताया जा रहा है की बाजार में नई फसल के आने के बाद दाम कम हो सकते है.
क्या कहती है गृहणिया
पहले चार हजार रूपये में एक माह का राशन आ जाता था लेकिन अब पांच हजार के आसपास आता है, दीपावली के त्यौहार पर भी कंजूसी करनी पड़ेगी - सविता ठाकुर
पहले हर माह तीन  सौ से चार सौ की बचत हो जाती थी जो त्यौहार के समय काम आ जाती थी लेकिन पिछले कुछ महीनो से एक पैसा भी नहीं बचा -  कुसुम तिवारी
महगाई के कारण महीने का खर्च पूरा भी नहीं होता है, लेकिन क्या करे घर में जितना पैसा होगा उससे ही काम चलाना मजबूरी है, हर वस्तुओ के दाम तेजी से बढ़ते है इसके आलावा स्थानीय व्यापारी वस्तुओ के दाम अधिक बढ़ा देते है.- अनीता सिंह
मेरे पति का स्वयं का व्यवसाय है व्यापर अच्छा चलता था लेकिन अब महगाई के कारण कम बिक्री हो रही है इसलिए मुनाफा भी कम हुआ है - सीमा  ताम्रकार

आठ माह में बीस फीसदी बढे खाद्यान्न के दाम
शक्कर पहले 27 रूपये                     अब 30 रूपये किलो हो गई है
हल्दी पहले 250                               अब 340
आटा पहले 16                                   अब 22
मसाले पैकेट 50                                अब 75
चाय      125                                      अब 220
देशी घी 250                                     अब 300
इलाची 1000                                       अब 2100
चना डाल 25                                     अब 28  
(सभी भाव प्रति किलो में )