21 October, 2010

महगाई की मार

नवरात्र के समापन के साथ ही नागरिको ने दीपोत्सव की तैयारिया भी शुरू कर दी है इसके तहत घरो की साफ़-सफाई, लिपाई-पुताई, पेंट आदि कार्य शुरू हो गए है लेकिन दिन दूनी, रात चौगुनी बढती महगाई ने पुताई भी महगी कर दी है. इससे लोगो के विशेषकर मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट गड़बड़ा चुके है.

घरो की पुताई, दरवाजो, खिडकियों पर पेंट करने के लिए मजदूर भी महगे दामों पर ही मिल रहे है.बढती महगाई का हवाला देते हुए मजदूरों ने भी अपनी मजदूरी बढ़ा दी है. 150 रूपये से 250 रूपये तक प्रतिदिन के हिसाब से मजदूर मिल रहे है. पुताई का कम शुरू होते ही चूना, गेरू, पेंट, डिस्टेम्पर आदि की बिक्री शुरू हो गई है. दुकानों के थोक विक्रेताओं के यहाँ से तहसील स्तर के विक्रेता थोक में क्विन्तालो से चूना  आदि पुताई की सामग्री अपने क्षेत्रो में ले जाने लगे है लेकिन महगाई के कारण उन्हें भी पसीना आ रहा है. चूना विक्रेताओं की माने तो जहा गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष चूने पर दो से तीन रूपये प्रतिकिलो महगाई में इजाफा हुआ है  इससे चूना सात रूपये किलो बिक रहा है. चूने के दाम आठ से नौ रूपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ने की सम्भावना बताई जा रही है.