30 October, 2010

करोडो का व्यापार और टेक्स का भुगतान नहीं ......!

अखिलेश उपाध्याय / कटनी
कटनी में करोडो का ड्राई  फ्रूट   का व्यापार होता है. वैध अवैध रूप से हो रहे इस व्यापार पर अभी तक वदिज्य  कर  विभाग की नजर नहीं पड़ रही है. ड्राई फ्रूट पर 6 फीसदी वैट लगता है जबकि इस अनुपात  में कभी भी टेक्स जमा नहीं होता है. इस वित्तीय वर्ष में किसी भी बड़े किराना व्यापारी के यहाँ कोई सर्चिंग भी नहीं हुई.

कटनी से न केवल ड्राई  फ्रूट बल्कि किराना आईटम का करोडो का व्यापार हो रहा है. जानकार सूत्रों की माने तो बगैर इंट्री टेक्स चुकाए हर रोज माल शहर में आ रहा है लेकिन इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती. इससे सहज रूप से अंदाजा लगाया जा सकता है की शहर का किराना व्यापार किस तरह से हो रहा है.

दिवाली पर व्यापार चरम पर
ठण्ड और दिवाली के मौसम में ड्राई  फ्रूट  का सबसे अधिक व्यापार होता है. इसके अंतर्गत शहर के आलावा आस-पास के कई जिलो में भी यही से ड्राई  फ्रूट की सप्लाई होती है.. वाडिज्य कर विभाग ने अभी तक किसी भी किराना व्यापारी के यहाँ कोई कार्रवाई नहीं की है.

किस पर कितना वैट
वाडिज्य कर विभाग द्वारा ड्राई फ्रूट पर 5 फ़ीसदी वैट, 1 फीसदी इंट्री टेक्स लिया जाता है. इस प्रकार से लगभग 6 फीसदी टेक्स चुकाना पड़ता है.

माल दिल्ली से आता है
शहर में सबसे अधिक माल दिल्ली से ही आता है. मुख्य रूप से ड्राई फ्रूट की ज्यादा पैदावार जम्मू एवं खाड़ी  देशो में होती है. इन स्थानों से दिल्ली के व्यापारी माल मगवाते है और कटनी में सप्लाई करते है. दिल्ली की ओर से आने वाले ट्रक एवं रेलवे द्वारा प्रतिदिन माल शहर में लाया जाता है.