31 October, 2010

मिलावट का खेल अधिकारी फेल

अखिलेश उपाध्याय / कटनी दीपावली आते ही मिलावटखोर एक बार फिर सक्रिय हो गए है  लेकिन इस बार शहर में नकली माल तैयार करने की जगह कटनी के आसपास  बसे गावो में नकली मावा और घी  तैयार किया जा रहा है. माल तैयार होने के बाद यहाँ से कई जिलो  में नकली माल की सप्लाई हो रही है. दिलचस्प बात यह है की खाद्य एवं सम्मिश्रण विभाग सब कुछ जानते हुए भी मिलावटखोरो पर कार्रवाई करने में कंजूसी बरत रहा है.

हर चीज मिलावटी
दाल - बटर की दाल
बेसन - पीला रंग
मावा - डालडा और एसेंस
घी -  डालडा, रिफाइंड  और एसेंस
शक्कर - सफ़ेद पावडर
लाल मिर्च -  लाल रंग
रिफाइंड  -  पाम आयल
दूध - vaiitanar, सपरेटा, शेम्पू
मिनरल वाटर -  अशुद्ध पानी
हल्दी - पीला रंग

खाद्य विभाग करता है फर्ज अदायगी
खाद्य एवं औषधीय सम्मिश्रण विभाग में जब नए इंस्पेक्टरों की शहर में पोस्टिंग हुई थी, तो काफी कार्रवाई हुई  लेकिन इसके बाद जैसे-जैसे बाहर से आये अधिकारियो के शहर में संपर्क बढ़ते गए, कार्रवाई औपचारिकता बनकर रह गई. आलम  यह है की आधी जगह जो कार्रवाई की जाती है वह तो कागजो में दिखाई जाती है जबकि अधिकांस जगह तो मामला बिना दर्ज हुए ही निपटा दिया जाता है.