01 November, 2010

शासकीय आवासों की रंगहीन दिवाली

कटनी./ दीपावली के त्यौहार के करीब आते ही घर-घर में रंगाई पुताई अंतिम दौर में है. अनेक निजी कार्यालयों में भी साफ़-सफाई के साथ उत्सव का माहौल बना  हुआ है, लेकिन शहर के शासकीय, कार्यालयों और आवासों में दीपावली का उत्साह नजर नहीं आ रहा है. अनेक कालोनियों में इन आवासों में रहने  वाले कर्मचारियों के परिजन ही रंगरोगन कर रहे है और अपने घर की पुताई करने के लिए पुताई का सामना स्वयं खरीद कर ला रहे है.
शहर के मुख्य कार्यालयों में कही कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है. इनमे प्रमुख रूप से कलेक्ट्रेट, होमगार्ड मुख्यालय, पुलिस लाइन  सहित अनेक शासकीय महाविद्यालयों में स्कूलों में पुताई नहीं हो रही है. अधिकांस  का रखरखाव और पुताई का जिम्मा लोक निर्माण विभाग का है. जबकि स्कूलों को कंटनजेंसी के   रूप में पांच से सात हजार रूपये बहुत पहले ही आवंटित कर दिए गए है.
शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए लोक  निर्माण विभाग में एक अलग शाखा काम कर रही है, जिसका काम शासकीय इमारतों की देखरेख करना ही है. जो अपने कर्मचारियों की गेंग और ठेकेदारों के मध्यम से काम करती है. सूत्रों के मुताबिक इस काम के लिए शासन से सीमित बजट मिलता है और हर तीन साल में एक बार डिस्टेम्पर और पांच साल में आईल पेंट कलर किया जाता है. साथ ही मकानों की मरम्मत के लिए सीमेंट भी आती है.