02 November, 2010

त्यौहार पर मौसम ने किया बीमार

मौसम में ठंडक घुलते ही मौसमी बीमारियों ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. बच्चो से लेकर बड़ो तक सभी मर्ज की चपेट में है. चिकित्सालयों में बीमारों की भीड़ बढ़ने लगी है. बीमारी के कारण लोगो के उत्साह फीका पड़ रहा है. दूषित  और मिलावटी खाद्य पदार्थ भी सेहत बिगाड़ रहे है.
एक ओर जहा त्यौहार का उत्साह है वही अचानक मौसम ने लोगो को बेहाल कर दिया है. अस्पतालों में सर्दी, खासी, बुखार के मरीजो की संख्या में बढ़ोत्तरी  हो रही है. भले ही डाक्टरों के लिए तापमान में आये बदलाव के कारण यह होना सामान्य बात है, लेकिन त्योहारों के दिनों में बीमारी उत्साह को कम कर रही है. पिछले तीन-चार दिनों से हवाओं में ठंडक घुलते ही मौसमी बीमारियों ने असर दिखाना शुरू कर दिया है. लोगो को अपने घरो को सवारने और दीपावली की तैयारी की जगह अपनी सेहत की फ़िक्र होने लगी है.
त्योहारी मौसम में खानपान में सावधानी बरतना जरूरी है. बाजारों में दूषित व मिलावटी वस्तुओ से बने खाद्य पदार्थो की बिक्री जोरो पर हो रही है. ऐसे में स्वास्थ्य को बचाना बहुत मुश्किल है, लेकिन इन्हें खाने के बाद दुष्प्रभाव भी सामने आ सकते है.
मंगलवार को मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजो  की संख्या जिला चिकित्सालय में अधिक रही. इसके साथ ही अन्य शासकीय व निजी चिकित्सालयों में भी मौसमी बीमारियों  से पीड़ित मरीज आ रहे है, इन मरीजो में निमोनिया, सर्दी, खासी, बुखार के बीमार अधिक है. चिकित्सको के अनुसार सेहत को लेकर बरती गई जरा सी लापरवाही से लोग बीमार पड़ रहे है. इस मौसम में लोगो को अधिक सावधानी की आवश्यकता है. विशेषरूप से गंदगी से बचना जरूरी है.
बच्चे सबसे अधिक प्रभावित
मौसम में आये बदलाव ने सबसे ज्यादा असर बच्चो पर दिखाया है. इस समय शिशु रोग विशेषग्य के पास सुबह आठ से एक बजे तक यहाँ परिजन सर्दी, खासी, बुखार जैसी बीमारियों के शिकार बच्चो को इलाज के लिए आ रहे है. खासकर नवजात शिशुओ पर मौसम बदलने का असर सबसे पहले पड़ता है. अस्पताल में फिलहाल रोजाना सौ से अधिक बच्चे इलाज के लिए पहुच रहे है.
चिकित्सको का कहना है
ठण्ड के मौसम में सबसे अधिक श्वास सम्बन्धी रोग जैसे अस्थमा वगैरह होने की सम्भावना होती है. धूल, धुएं से बचे, खासकर दो पहिया वाहन चालको को हेलमेट अथवा कपडा ढककर चलना चाहिए. इसके  अलावा निमोनिया, बुखार, सर्दी व खासी होने पर तुरंत चिकित्सीय परामर्श लेना चाहिए.