15 November, 2010

आंगनवाडी के हाल बेहाल

नहीं पहुचती आंगनवाडी कार्यकर्ताए
कटनी / रीठी विकासखंड क्षेत्र के बुरे हाल है. क्षेत्र के  कई आंगनवाडी  केंद्र बंद है तो कई आंगनवाडी केन्द्रों पर कार्यकर्त्ता  नहीं पहुचती. यह सब महिला बाल विकास विभाग की निष्क्रियता के चलते हो रहे है. वर्तमान में परियोजना अधिकारी आंगनवाडी केन्द्रों का निरिक्षण जाने कब करते है ....?

जिसका परिणाम यह है की शासन की मंशा पर ग्रहण लगा हुआ है. वही शासन की इन योजनाओं पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है. ग्रामीण क्षेत्रो की आगंवादियो    में बच्चो की उपस्थिति नहीं के बराबर है. बच्चो को आन्गंवादियो से मोह भंग हो गया है फिर भी खाद्यान्न के कूपन उपस्थिति के आधार पर कार्यकर्ताओं को दिए जाते है. इन दिनों उच्च  अधिकारियो की अनदेखी का नतीजा है की सेक्टर सुपरवाइजर भी कई पखवाड़े तक इन ग्रामीण क्षेत्रो में पहुचती ही नहीं है. ग्रामीण क्षेत्रो में फाइलेरिया अभियान की हवा निकल चुकी है. विभाग कागजी कार्रवाई कर अभियान को सफल बनाने में जुटा है.