26 November, 2010

खाद बीज लेने में किसानो को आ रहा पसीना
कटनी / पिछले तीन सालो से सूखे की मार झेल रहे किसानो की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. इस समय मंडी में धान लेकर पहुच रहे किसानो को उचित भाव नहीं मिल रहे है. मंडी में धान की जमकर आवक हो रही है और मंडी में धान लेकर आये किसान उचित दाम की आस लगाये हुए है जबकि व्यापारी औने पौने दाम बता रहे है.

दूसरी तरफ किसान बोवनी के लिए खाद बीज जुटाने के लिए जद्दोजह  कर रहे है. मौसम में गर्मी बने रहने  के कारण कई किसानो की बोवनी बर्बाद हो गई उसे दुबारा बोवनी करनी पड़ रही है.
वैसे ही  कृषि विभाग से एक बार बीज मिल पाना कठिन है ऐसे में किसानो को दुबारा बोवनी के लिए बीज  प्राप्त करने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे है. मजबूर किसान कृषि अधिकारियो के पास लाइन लगाये हुए है.

क्षेत्र के किसानो ने दीपावली के समय बोवनी कर दी थी लेकिन मौसम की बेरुखी से चने और गेहू की बोवनी काफी प्रभावित हो रही है. इस कारण कई किसानो को दोबारा बोवनी करने की नौबत आ गई है. अभी चूकी बोवनी का समय चल रहा है इस कारण किसान चाहते है की उन्हें सुलभता से खाद बीज मिल जाए जिससे की बोवनी समय से कर ले लेकिन गोदाम से बीज खाद देने में कोताही की जा रही है, गोदाम प्रभारी नए नए नियम बताकर किसानो को परेशा कर रहे है.

सरकारी गोदामों में खाद का खेल बदस्तूर जारी है इस खेल में स्थानीय व्यपियो से साठ- गाठ के चलते डिमांड लैटर भेजने के बाद हफ्तों खाद नहीं आती और फिर मजबूरन किसान को स्थानीय व्यापारियों से अधिक दाम पर खाद खरीदनी पड़ रही है. फिर जब तक सरकारी खाद आती है तो किसानो की आवश्कताए समाप्त हो चुकी होती है और फिर इस खाद को व्यापारियों को धीरे से सहकारी समिति द्वारा ब्लेक कर दिया जाता है. जिस खाद को इन व्यापारियों द्वारा इन्ही किसानो को फिर से बेच दिया जाता है.

परेशान किसान ने जिला प्रशासन से मांग की है की खाद तथा बीज पर्याप्त मात्र में उपलब्द्ध कराये जाये.