24 November, 2010

कालाबाजारी को भला कौन रोकेगा....?

कटनी / पिछले लम्बे समय से रीठी तहसील मुख्यालय में रसोई गैस की कमी लगातार बनी हुई है. जब कभी महीने में कटनी से गैस सिलिंडर आता है तो आलम यह होता है की लाइन में लगने वालो को गैस सिलिंडर नहीं मिलता जबकि कालाबाजारी करने वाले तथा चंद छुटभैये नेता एक बार में ही दस से पंद्रह सिलिंडर अकेले ले जाते है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार एह्पी  गैस एजेंसी कटनी  के संचालक की मनमानी के चलते रीठी में उपभोक्ताओं को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. रीठी में कोई भी अधिकृत गैस एजेंसी न होने से यहाँ पर कटनी से महीने में एक बार ट्रक  के मध्यम से सिलिंडर आते है. यहाँ अधिकांस सरकारी कर्मचारी है इन नौकरीपेशा लोगो को जब तक पता चल पता है तब तक कालाबाजारी करने वाले एकमुश्त सिलिंडर ले जा चुके होते है.
उपभोक्ताओं की परेशानी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की गैस की गाडी आने के बाद घंटो लाइन में लगने के बाद भी लाइन में लगे लोगो को गैस नहीं मिल पाती और कुछ समाज सुधारक और नेता इक्कट्ठे दस से पंद्रह गैस सिलिंडर भरवाकर ले जाते है.
रीठी के आम उपभोक्ताओं को यहाँ पर गैस भले ही न मिल पाती हो परन्तु कालाबाजारी करने वालो के यहाँ गैस सिलिंडर आसानी से मिल जाती है. और जब गैस एजेंसी कटनी में भी गैस नहीं मिलती तो भी इन कालाबाजारियो के पास से गैस सिलिंडर मिल जाते है. चंद दिनों पहले जब यहाँ गैस का सिलिंडर 450 रुपे में मिल जाता था वही अब 575 रूपये में मिल रहा है. रीठी, बडगांव में इस समय कुछ लोग चोरी छुपे गैस की कालाबाजारी का काम कर रहे है. उपभोक्ताओं का आरोप है की खाद्य आपूर्ति विभाग  व गैस एजेंसी के संचालको की मिली भगत से यहाँ पर इस काम को अंजाम दिया जा रहा है. कुछ समय पहले खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियो के सख्त होने पर यहाँ पर कालाबाजारी पर काफी हद  तक काबू पा लिया गया था परन्तु इस समय खाद्य आपूर्ति विभाग के कर्मचारियों ने ढीले तेवर अपना रखे है.
ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रस्टाचार में लिप्त कटनी जिला  आपूर्ति अधिकारी की मिलीभगत से यहाँ पर गैस की कालाबाजारी खुले आम हो रही है क्या कभी  इस पर कभी रोक लगे सकेगी ...?