30 November, 2010

शेर उठा ले गया बच्ची

स्लीमनाबाद से 14 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मढ़ना अंतर्गत आने वाले ग्राम शिवराजपुर में एक सात वर्षीय बच्चो को शेर ने अपना शिकार बना लिया
शाहडार   के जंगल में झाड़ियो के बीच दूसरे दिन सुबह बच्ची की क्षत-विक्षत लाश पाए जाने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था. शेर के गाँव आने के बाद शिवराजपुर  सहित आसपास के ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है. हालाकि वन विभाग द्वारा बच्ची पर तेदुए द्वारा हमला किये  जाने की बात कही जा रही है लेकिन परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने शेर को देखा  है

प्राप्त जानकारी के अनुसार कटनी जिले के बहोरिबंद तहसील के शिवराजपुर गाँव  के निवासी श्याम सिंग सोमवार  की शाम बाजार के लिए ग्राम धरवारा  आये थे. रात करीब सात बजे श्यामसिंह  की सात वर्षीय पुत्री अर्चना माँ के कहने पर राख फेकने घर के पिछवाड़े गई थी. वह  वापस लौटकर आ पाती इससे पहले उसके चीखने की जोरो से आवाज सुनकर परिजन दौड़े. परिजनों के अनुसार शेर अर्चना को मुह में दबाकर जंगल की ओर जा रहा था.

रात से ही खोजबीन चालू हो गई. बच्ची की तलाश के लिए  ग्रामीण वन विभाग का पूरा साथ दे रहे थे. बताया जाता है की शिवराजपुर गाँव से एक किलोमीटर दूर शाहडार  के बीहड़ जंगलो में झाड़ियो के भीतर बच्ची की क्षत-विक्षत लाश पड़ी थी. लाश दूसरे दिन सुबह करीब बारह घंटे बाद मिल पाई.

अर्चना की लाश काफी क्षत-विक्षत मिली. शरीर से शिर व बाया हाथ गायब था. जबकि दोनों पैर का मांस नोच लिया गया था. ग्रामीणों के अनुसार सुबह लाश मिलने के बाद स्लिम्नाबाद पुलिस को सूचना दी गई. पुलिस अपने अंदाज के अनुरूप पांच घंटे बाद दोपहर करीब बारह बजे कागजी कार्रवाई करने पहुची.

शिवराजपुर में शेर की आमद के बाद आसपास के क्षेत्रो के ग्रामीण भी दहशतजदा है. ग्रामीणों का कहना है की  6 माह पूर्व समीपस्थ ग्राम खमतरा में भी तेंदुआ ने हमला कर ग्रामीणों को जख्मी किया था.
शाहडार  का जंगल राष्ट्रीय उद्यान बांधवगढ़ से लगा है. ग्रामीण क्षेत्रो में अक्सर जंगली जानवर पानी की तलाश में जंगल से भटककर आते है और किसी ग्रामीण के सामने आने पर हमला बोल देते है. ग्रामीणों के बार-बार वन विभाग के ध्यान दिलाने के बाद भी उनके द्वारा सुरक्षा के लिए कोई प्रयास नहीं किये जा रहे है.