24 November, 2010

पोस्टमार्टम में निकाली आखे और किडनी

कटनी  / रोजगार की तलाश में  इन्दोर गए यहाँ  के एक युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई जिसका शवपरीक्षण करते हुए चिकित्सको ने उसकी दोनों आखे व किडनी निकाल ली.

इन्दोर पहुचे युवक के परिजनों ने जब आखे व किडनी निकाले जाने के सम्बन्ध में चिकित्सको व शवपरीक्षण करने वाले चिकित्सा स्टाफ से पूछताछ की तो उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया.
प्रबंधन का मौन स्पष्ट करता है की जिला चिकित्सालय इन्दोर में लाशो से आखे व किडनी निकालकर उनको मोटी रकम लेकर बेचे जाने का गोरखधंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है.

गौरतलब है की नगरीय सीमा के अंतर्गत श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के श्री ग्राम छ्परवाह निवासी अधिवक्ता मुरलीधर मिश्र का 21   वर्षीय युवा पुत्र रघु मिश्र गतदिवस रोजगार की तलाश में अपने दोस्तों के साथ इन्दोर गया था. इन्दोर में रोजगार की तलाश करते हुए रघु को औद्योगिक क्षेत्र इन्दोर की ही एक एंपनी में रोजगार मिल गया. जिसके बाद वह वहा काम करने लगा. रविवार की रात रघु कंपनी से छुट्टी होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र इन्दोर स्थित एक ढाबे में अपने दोस्तों के साथ खाना खाकर जब वापस लौट रहा था उसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर रघु व उसका एक दोस्त जीप की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए.
बाद में दोनों को अस्पताल में भरती कराया गया जहा उपचार के दौरान रघु मिश्र की मौत हो गई. बताया जाता है की जिला चिकित्सालय में रघु का शव परिक्षण करते हुए चिकित्सक ने उसकी दोनों आखे व किडनी निकाल ली. जिसका  वहा पहुचे परिजनों ने विरोध करते हुए आखे व किडनी निकाले जाने के सम्बन्ध में पूछताछ की लेकिन चिकित्सको ने इसका कोई जबाब नहीं दिया और शव अंतिम संस्कार हेतु उन्हें  सौप दिया.

यदि जिला चिकित्सालय इन्दोर के चिकित्सको एवं शव परिक्षण करने वाले कर्मचारियों ने ऐसा किया है तो यह मानवता के खिलाफ एक जघन्य अपराध है जिसकी जाँच होनी  चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगनी चाहिए.