24 November, 2010

मुख्यालय पर नहीं रहते साहब

कटनी / शासकीय कार्यालयों में अपना काम करवाने के लिए भटकनेवाले  नागरिको की परेशानी का एक बड़ा कारण मुख्यालय पर न रहकर अप-डाउन करनेवाले कर्मचारी और अधिकारी है. कार्यालय आने के बाद एक एक घंटे थोडा बहुत काम करने की नौटंकी कर साहब स्वयं निकलने की फ़िराक में रहते है
कटनी जिला मुख्यालय में अधिकांस विभागों में यह स्थिति बनी हुई है. ऐसा ही कुछ हाल जिले के तहसील मुख्यालयों रीठी, विजयराघवगढ़, बडवारा, ढीमारखेडा , बहोरिबंद  का भी है. बड़े आश्चर्य की बात तो यह है की इस ओर प्रशासनिक अधिकारी या विभाग के प्रमुखों का ध्यान बिलकुल भी नहीं है. यह बात जग जाहिर है की विभिन्न विभागों के  अधिकारी सहित कर्मचारी डिउटी  स्थल पर रात नहीं ठहरते है. ट्रेन, बस से ड्यूटी का समय मिलाते है.
जबकि शासन की मंशा  है की कार्यरत शासकीय कर्मचारी-अधकारी मुख्यालय में रहकर विभागीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन करे एवं जरूरत पड़ने पर कभी भी किसी भी कार्यालय का काम लिया जा सके.
बाहर से मुख्यालय पर ड्यूटी करने जा रहे अधिकारी-कर्मचारी के अप-डाउन का खेल कई वर्षों से चल रहा है. इनको कई बार शासन से सख्त निर्देश भी मिल चुके है लेकिन इसके बावजूद भी यहाँ के कर्मचारियों पर कोई भी असर होता नहीं दीखता.
 मुख्यालय पर रहकर शासकीय कार्य को करने के सख्त निर्देश कमिश्नर प्रभात पराशर ने दिए थे. उन्होंने कहा था की अधिकारी मुख्यालय पर आवास व्यस्था बनाए ताकि विभागीय योजनाओं का सुचारू क्रियान्वयन हो सके. अगर कोई व्यक्ति मिलने आता है तो उसकी समस्या ध्यान से सुने लेकिन यह निर्देश अब ठन्डे बसते  में जा पहुचे है.