12 November, 2010

अबैध ईट भट्टो के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं...?

कटनी / अवैध ईट भट्टो का व्यवसाय जिले में बेधड़क जारी है लेकिन कलेक्टर, तहसीलदार और नायब तहसीलदार इस अवैध धंधे पर अंकुश लगा पाने में अक्षम है. शहर से लेकर तहसील एवं गाँव स्तर पर चल रहे अवैध ईट भट्टे  के इस व्यापार पर खनिज विभाग से इजाजत नहीं ली जाती.

जबकि शासन के निर्देशानुसार   ईट भट्टे चलाने के लिए बाकायदा खनिज विभाग से इजाजत लेनी पड़ती है लेकिन जिले में उंगलियों पर गिने जाने वाले भट्टे संचालको ने विधिवत शासन से अनुमति ली है जबकि लगभग आधा सैकड़ा ईट भट्टे अवैध रूप से संचालित हो रहे है.

कलेक्टर एम् शेलवेनद्रम की निष्क्रियता के चलते कटनी जिले में शासन प्रशासन में कही भी कसावट  नहीं दिखती इसीलिए शहर एवं आस-पास में अवैध रूप से धड़ल्ले  से ईट भट्टे चल रहे है. यह ईट भट्टे विशेष रूप से रहवासी क्षेत्र के पास चल रहे है जिनसे आसपास के इलाके में प्रदूषण फ़ैल रहा है, साथ ही राजस्व की हानी भी हो रही है. बताया जाता  है की इन भट्टो से निकलने वाले धुओ से आसपास के लोगो को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

प्रशासन से इस सम्बन्ध में तत्काल कार्रवाई की अपेक्षा है शहरी क्षेत्र में चल रहे इन अवैध ईट भट्टो पर तुरंत रोक लगाईं जावे एवं उन्हें तुरंत बंद कराया जावे. खास बात यह है की ईट भट्टे पूरी तरह से अवैथ रूप से चल रहे है जिनकी वजह से उन लोगो को भी नुक्सान उठाना पड़ रहा है जो नियमानुसार अनुमति लेकर काम कर रहे है और शासन को राजस्व जमा कर रहे है.