24 November, 2010

आज की दौड़ती भागती जिन्दगी में थकना मना है

आज की दौड़ती भागती जिन्दगी में थकना मना है ऐसे  में स्वयं को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए अब दवाये लेना आम बात हो गई है. मजेदार बात यह है की लोग अपनी मनमर्जी से दवाओं का सेवन कर रहे है. इसमें होता यह है की तत्काल तो आराम मिल जाता है पर इन दवाओं का प्रतिदिन सेवन करने से इन दवाओं का मानव शरीर  पर घातक असर पड़ता है.
अब तो आलम यह है की थोडा सा सर्दी जुकाम हुआ नहीं की लोगो ने अपनी मर्जी से दवा लेकर स्वयं को ठीक करने के जतन में लग जाते है. और ऐसे लोगो की भी कमी नहीं है जो अनावश्यक दवाओं का प्रयोग रोज ही कर रहे है.
वह बचपन ही क्या जिसमे शैतानी न हो मगर व्यस्तताओं के चलते अब पालक का धैर्य पहले जैसा नहीं बचा है. यही कारण है की बच्चो की शैतानी को रोकने के लिए भी दवाओं का इस्तेमाल हो रहा है. नीद के लिए तरह-तरह के सिरप मेडिकल की दुकानों पर उपलब्द्ध है जिन्हें बच्चे को देने से उसे नीद आ जाती है.
जबकि इस सम्बन्ध में चिकित्सको का कहना है की  बिना योग्य डाक्टर की सलाह के दवाये लेना खतरनाक साबित हो सकता है. लोग अपनी मनमर्जी से रोगों की दवा का सेवन करते है जिसके  विपरीत परिणाम देखने को मिलते है. इन दवाओं से किडनी पर सूजन आना , जी मचलाना, सिरदर्द व अन्य दुष्प्रभाव देखने को मिलते है. ऐसे में जो भी दवा ले वह बिना डाक्टर के परामर्श के न ले.

किराना दुकानों में बिक रही दवा
ग्रामीण क्षेत्रो व शहर की गली मोहल्लो में छोटी किराने की दुकानों पर दवाये आसानी से उपलब्द्ध हो जाती है इन किराने की दुकानों पर लोग हरी और नीली पन्नी के नाम से दवा खरीदते आसानी से देखे जाते है. मर्ज कोई भी हो बस एक गोली हरी या नीली पन्नी की. कई किराना दुकाने बिना लाईसेंस के मेडिकल स्टोर्स का काम कर रहे है.

बाजार में मेडिकल दुकानों पर हेल्थ बनाने की दवाये भी उपलब्द्ध है, जिनका उपयोग सबसे ज्यादा युवा वर्ग कर रहा है. स्वयं को आकर्षक और सलोना दिखाने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल बिना डाक्टर की सलाह के किया जा रहा है. लुभावने विज्ञापनों के जाल में फसकर युवा अपनी हेल्थ बनाने के लिए दवाये तो लेते है परन्तु इन दवाओं के सेवन करने तक ही हेल्थ अच्छी रहती है. और दवाये बंद करने पर फिर से हेल्थ पहले की ही तरह हो जाती है. इन दवाओं के नियमित सेवन करने से लोगो की सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है. कई बार तो यह दवाये  घातक भी सिद्ध हो जाती है. इनके सेवन से विभिन्न प्रकार के दुष्प्रभाव पड़ते है.