03 November, 2010

मिठाई पर डायन महगाई का डाका

Akhilesh uapdhyaya / katni
दीपोत्सव के मद्देनजर शहर के बाजार पूरी तरह सजकर तैयार है और बड़ी हुई महगाई ने लोगो को सीमित कर दिया है. शहर में दीपावली के लिए तैयार की जा रही मिठाई के दाम जहा 150 से 500 रूपये प्रति किलो है. वही आतिशबाजी  की कम आवक और बढी हुई कीमतों से इस बार आतिशबाजी फोड़ने के शौकीनों को निराशा ही हाथ लगी है.
अकेले जिला मुख्यालय पर ही इन दिनों 150  क्विंटल  दूध की खपत है, जबकि जिले में यह आकड़ा 480 क्विंटल को पार कर रहा है, साथ ही रेडीमेड मावे की हपत 20 से 25 क्विंटल बताई जा रही है. ग्राहकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से शहर की मशहूर मिठाई की दुकानों पर इस दिवाली पर खास किस्म की मिठाईया तैयार कराई जा रही है. खास बात यह है की इन दुकानों पर मिठाईयों में ड्राई फ्रूट  का चलन तेजी से बढ़ा है.

क्या कहते है लोग

शिक्षक संजय सकवार का कहना है की भले ही शासकीय कर्मचारियों के वेतन बढ़ गये हो लेकिन महगाई ने भी जबरदस्त विस्तार कर लोगो की कमर तोड़ दी है
वही हाथ ठेला चलाकर अपना परिवार चलाने वाले रमेश का कहना है की हम मजदूरों  के लिए दीपावली की खरीदारी तो आज के दौर में कभी न पूरा होने वाले स्वप्न की तरह है


हाय महगाई
दीपावली पर मुह का जायका मीठा  करना इस बार बास्तव में बहुत महगा है. जहा अच्छी गुणवत्ता  वाली सभी mithaaiyaa   200 रूपये किलो से ऊपर बिक रही है.
महगाई का सबसे ज्यादा असर आतिशबाजी की सामग्री पर देखने को मिल रहा है और आलम यह है की हर ब्रांडेड आईटम आम ग्राहकी की पहुच से बाहर है. इसका एक कारण तो बड़ी हुई  महगाई है दूसरी तरफ इस बार शिवकाशी उत्तर प्रदेश से आतिशबाजी की कम आवक भी इसके लिए काफी हद तक जिम्मेदार है.