08 December, 2010

गेहू खरीदी में ५६ लाख का घोटाला
किसानो को लाभ पहुचाने उनका अनाज समर्थन मूल्य में खरीदने की सरकारी व्यस्था पर सहकारी समितिया और बैंक प्रबंधक मिली भगत कर इसका लाभ व्यापारियों को दिलाने पर आमादा है. व्यापारियों को गेहू खरीद कर किसानो के फर्जी नामो से चेक जारी कर उसका भुगतान करने के लगभग 56 लाख रूपये के घोटाले का एक मामला कुठला पुलिस थाने में दर्ज हुआ है.

जिसमे कटनी सहकारी बैंक प्रबंधक हुब्बीलाल पटेल, कन्हावारा चाका सहकारी समिति प्रबंधक राधाकृष्ण मिश्र, नारायण सेन, समिति सेवक लखन साहू सहित एक दर्जन लोगो के विरुद्ध धारा 420 , 467 , 468 भा दंड विधान के तहत मामला कायम कर जाँच में लिया गया है. नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक संजय सिंह भी नियमो को नजरअंदाज कर कार्य करने  के आरोप जाँच के दौरान सामने आ रहे बताये गया है.

इस पूरे मामले में कैल्वारा हरदुआ खरीदी केंद्र जाँच के प्रमुख बिन्दुओ  में से एक है. जून माह में एक बेयर हाउस में छापे में अनलोड हो रहा 520 बोरा गेहू संदेह पर जब्त किया गया था. वेयर हाउस संचालक ने गेहू मालिको के नाम खाद्य विभाग की पूछताछ के दौरान बताये  थे.

 विभागीय स्तर पर जाँच जारी ही थी की कैल्वारा हरदुआ खरीदी केंद्र में उपज बेचने वाले कृषको ने खाद्य विभाग को शिकायत दी की खरीदी में तीन रूपये प्रति बोरा कमीशन लिया जा रहा है व उसके नाम से गलत चैक जारी हुए है.

जाँच के दौरान कटनी सहकारी बैंक प्रबंधक हुब्बीलाल पटेल से पूछताछ के बाद बैंक से 55  लाख रूपये में वे चेक जप्त किये गए जिन्हें  कन्ह्वारा चाका सहकारी समिति के प्रबंधक राधा  कृष्ण मिश्र ने कृषको के नाम से जारी किया था  और बैंक ने उसका भुगतान भी कर दिया.
खरीदी केंद्र के क्रश्नो से पूछताछ के दौरान पता चला की 15  कृषको के नाम से तीन हजार 232  क्विंटल गेहू की फर्जी खरीदी की गई  थी. किसानो ने बताया  की कुछ किसानो से दस क्विंटल  तक गेहू खरीदा गया, उनके नाम से 40 -50  क्विंटल  गेहू खरीदने सम्बन्धी चैक जारी हुए. ऐसे फर्जी किसानो के नाम भी सामने आये है जिनके नाम से सौ दो सौ बोरा गेहू खरीदी दर्शाकर  चेक  जारी किये गया  है.

खाद्य विभाग ने कलेक्टर एम् सेल्वेंदारण के समक्ष जब यह समूचा  घोटाला प्रस्तुत किया तो उनके निर्देश पर खाद्य विभाग ने कुठला थाने में शिकायत दर्ज कराई है.

इस सम्बन्ध में खाद्य अधिकारी श्री चौबे ने बताया की इस सारे घोटाले में सहकारी बैंक प्रबंधक की महत्वपूर्ण भूमिका है क्योकि उनके द्वारा ही फर्जी किसानो के नाम पर एकाउंट खोलकर सहकारी समिति द्वारा जारी चेको का भुगतान किया गया. यह जाँच का विषय है की बैंक प्रबंधक ने किन-किन लोगो को फर्जी भुगतान किया.

कलेक्टर एम् सेल्वेंद्रण ने  बताया की मेरे समक्ष सहायक आयुक्त सहकारिता  व खाद्य अधिकारी द्वारा की गई जाँच रिपोर्ट आई थी और मैंने उन्हें मामला दर्ज करने के निर्देश दिए है और शीघ्र ही आरोपियों  के विरुद्ध कार्रवाई होगी.

जिन किसानो  के नाम से समर्थन  मूल्य पर फर्जी खरीदी हुई वे है -  प्रेम सिंह  (खडोला) - 400 क्विंटल हरदुआ समिति, हिम्मत सिंह (खडोला)-410 क्विंटल कैल्वारा कला समिति, हिम्मत सिंह ( खडोला)-225  क्विंटल  हरदुआ समिति , गुलाब सिंह (चनेहती) - 247  क्विंटल  कैल्वाराकाला समिति, प्रेम सिंग ( चनेहती) - 200  क्विंटल  कैल्वारा कला समिति, गुलाब सिंह ( चनेहती) - 190  क्विंटल  कैल्वारा कला.