15 December, 2010

तालाब का पानी पीते चले आ रहे हो और पीते रहो.......


अखिलेश उपाध्याय / कटनी

गरीब मेला में आया अस्प्रश्यता का एक और मामला

सरकार लाख कोशिशे कर ले लेकिन भारतीय जनमानस से जाती-पाती के भेदभाव को मिटा पाना  इतना आसान नहीं है तभी तो कटनी जिले की रीठी जनपद  पंचायतो में लगातार अस्प्रश्यता के मामले निचली जाती के लोगो द्वारा शिकायत के रूप में प्रकाश में आ रहे है.


अभी बरजी प्राथमिक स्कूल के मध्यान्ह भोजन में उच्च  समाज की महिलाओं द्वारा हरिजन बच्चो की थालिया न धोने के मामले की जाँच पूरी भी नहीं हुई है जिसमे उच्चवर्ग के अधिकारियो तथा मीडियाकर्मियो पर आरोप लगाए जा रहे है की मीडिया में बैठे सवर्ण पत्रकार एवं निर्णायक भूमिका में बैठे अधिकारी अपने समाज का पक्ष ले रहे है व खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे है.

यह मामला अधिकारी निपटाने में लगे ही थे की इसी बीच बिलहरी के गरीब मेला शिविर में इससे और भी गंभीर मला प्रकाश में  आया है.
बिलहरी ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर नो की पंच चन्दोबाई पति नरेश चोधरी ने रीठी जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह को लिखित शिकायत में बताया की वह तथा उसके वार्ड के लगभग नो सौ लोग तालाब का पानी पीने मजबूर है.
 चन्दोबाई  ने अपने पत्र में लिखा है की वह ग्राम पंचायत बिलहरी के वार्ड क्रमांक नो की पंच है जो हरिजन वार्ड के नाम से जाना जाता है.  लगभग सात सौ की आबादी वाले इस वार्ड में एक मात्र हेंडपंप के भरोसे लोग जीवन यापन कर रहे है.



आबादी के अधिक दबाब के चलते यह इकलौता  हेंड पम्प लोगो को पानी की पूर्ती नहीं कर पाता है इसलिए मजबूरन यहाँ के वाशिंदों को हरिजन बस्ती के पास ढकोरा तालाब  का प्रदूषित पानी पीने की मजबूरी है. वे ऐसा पिछले कई महीनो से कर रहे है.



चंदो  बाई ने इस पत्र में आगे लिखा है की  जिस वार्ड की वह पंच है वहा पीने के पानी की बड़ी जटिल समस्या है. आस-पास अन्य कोई हेंडपंप अथवा कुआ न होने से वार्ड के हरिजन लोग तालाब का गन्दा पानी पीने मजबूर है.

हरिजन होने के नाते गाँव के अन्य हेंडपंप से वे पानी भर नहीं सकते. ऐसे में विवशता में उन्हें जीने के लिए इस प्रदूषित तालाब का पानी पीना पड़ रहा है.

इन पर की जा रही ज्यादती यही ख़त्म नहीं होती इस तालाब में  मछली पालने वाले इन पर और भी अत्याचार कर रहे है. इस तालाब में मछली पालन भी होता है जिसके कारण इसमें गोबर आदि गंदगी भी डाली जाती है जिससे पानी प्रदूषित हो जाता है.

चन्दोबाई ने वार्ड की अपनी इस समस्या को कई बार सरपंच श्रीमती आशा  वर्मा को मौखिक रूप से बताया तो सरपंच ने जबाब दिया की वह कुछ नहीं कर सकती.

एक हरिजन होने के नाते वह सरपंच की ड्योढी के बाहर जाकर अपनी मर्यादाओ  में रहकर सरपंच से  अपनी गुहार लगाती रही जिसे आज तक सरपंच ने उनकी इस गंभीर समस्या को नहीं समझा.

चंदो बाई के अनुसार ग्राम पंचायत बिलहरी की  सरपंच आशा वर्मा के देवर कैलाश वर्मा ही पंचायत का सञ्चालन कर रहे है. क्योकि सरपंच ने कहा की वह उनके देवर से मिले.

कैलाश वर्मा जो पूर्व में भी सरपंच रह चुके है उन्होंने भड़कते हुए कहा की पानी की समस्या कोई बड़ी बात नहीं है. तुम लोग तालाब का पानी पीते चले आ रहे हो और पीते रहो तुम्हारे चोधरी मोहल्ला में कोई हेंडपंप नहीं खुदेगा.
पंचायत के संचालक सरपंच से आहात और निराश  होकर ग्राम पंचायत की पंच चंदो बाई ने उक्त शिकायत जनपद पंचायत रीठी अध्यक्ष प्रीति सिंह को दी है. मामले की गंभीरता को समझते हुए अध्यक्ष प्रीति  सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सरपंच को तत्काल इस वार्ड में हेंड पम्प खुदवाने के निर्देश  दिए है.