16 December, 2010

अभी और बढ़ेगी महगाई


देश में भ्रष्टाचार दिन दूनी रात चौगिनी प्रगति कर रहा है, हमारे  के राजनेता बढ़ चढ़कर लूटने में लगे है. ऐसे में आज गरीब एवं मध्यम श्रेडी के परिवारों के प्रति सोचने वाला कोई भी नहीं है. तभी तो लगभग हर महीने पेट्रोल डीजल के दाम बढाकर अपरोक्ष रूप से महगाई बढ़ाने में केंद्र की कांग्रेस सरकार पूजीपतियो के साथ कदमताल मिला रही है.

पेट्रोल के दाम फिर से बढ़ गए है. जाहिर है इससे महगाई को और पंख लग जायेगे. विगत दिनों पेट्रोल के दाम करीब तीन रूपये महगे कर दिए गए. अपनी रोजी रोटी की जुगाड़ में लगे आम आदमी के लिए यह तीन रूपये की पेट्रोल की मूल्य वृद्धि उसके महीने के तीस दिनों के बजट पर असर डालेगी.

अब बच्चो को स्कूल ले जाने वाले ऑटो और टेक्सी चालक किराया  बढायेगे तो दूसरी तरफ प्रत्येक वस्तु के दाम बढाए जायेगे क्योकि प्रत्यक्ष  और परोक्ष रूप से व्यापार में परिवहन  की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है. अब दूध, सब्जी वाले अपने वाहन में खपत हो रहे ईधन की वसूली तो आखिर आप से ही करेगे.

देखने में यह भले ही तीन रूपये की  मूल्य वृद्धि लगे  और यह स्वयं की जेब पर मामूली प्रभाव प्रतीत हो परन्तु इस साधारण सी दिखने वाली कीमत वृद्धि से लगभग हर एक सेवा की कीमतों पर प्रभाव पड़े बगैर नहीं रह सकता.

एक तो शुद्ध पेट्रोल पम्प पहले ही नहीं दिया जाता था और कम मात्र में भरकर पेट्रोल पम्प संचालक चोरी तो कर ही रहे थे इस सम्बन्ध में क्लोफर डेविड ने बताया की जब पेट्रोल पचास रूपये प्रति लीटर मिलता था तो दस फ़ीसदी कम भरे जाने पर पांच रूपये का नुकसान होता था लेकिन अब जब पेट्रोल साठ रूपये के आकडे को छू रहा है तब दस फ़ीसदी की चोरी पर सीधे छेह रूपये का नुक्सान होगा. स्पष्ट तौर पर महगाई के साथ-साथ नुक्सान का प्रतिशत भी बढ़ रहा है.

एक शहर में प्रतिदिन हजारो लीटर ईधन की खपत होती है. तीन रूपये की मूल्य वृद्धि से पेट्रोल पम्प की सेवाओं पर प्रभाव तो होगा ही लेकिन आम आदमी तो अपने काम से निकलेगा जिससे पेट्रोल पम्प मालिको के व्यवसाय पर तो कही कोई असर नहीं पड़ेगा उलटे मिलावटी और कम तौल से अब उनका लाभ और भी बढ़ जाएगा.