22 December, 2010

नहीं खुलते प्रयोगशाला के पट

शिक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितता ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. कटनी जिले में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों की दुर्दशा तो अब  कोई नई बात नहीं है लेकिन हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी स्थितिया बहुत अच्छी नहीं है.

सरकारी विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक बच्चो की पढ़ाई पर जरा भी ध्यान नहीं देते. जिले में ऐसे कई स्कूल है जहा पर अभी भी बहुत से विषयो के पाठ्यक्रम की पढाई शुरू ही नहीं हुई है. मिल रही खबरों में रीठी हाई स्कूल में अब से पंद्रह दिन पहले तक संस्कृत की पढ़ाई शुरू तक नहीं हुई थी.

प्रश्ससनिक अनदेखी के चलते शिक्षा का स्तर दिनों दिन घटता जा रहा है जबकि शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए हर वर्ष राशी बढती जा रही है. क्षेत्र में सतत विकास एवं जनता के लिए आई हर एक योजन का हितग्राहियों को पूरा लाभ मिले इसके लिए रीठी जनपद की अध्यक्ष प्रीति सिंह क्षेत्र का युद्ध स्तर पर भ्रमण कर  रही है.



विगत दिनों बिलहरी हायर सेकंडरी स्कूल के निरीक्षण के दौरान रीठी जनपद अध्यक्ष को  वहा की प्रयोग शाला कबाड़ की हालात में मिली थी वैसी ही स्थिति बडगांव हाई स्कूल में भी पाई गई.

शासकीय हाई स्कूल बडगांव में भी अभी तक प्रयोगशाला के दरवाजे तक नहीं खोले गए है. गंदगी और अव्यवस्था में बदहाल पड़ी यहाँ की प्रयोगशाला के हाल बिलहरी से कुछ कम नहीं है. यहाँ भी अभी तक बच्चो को प्रेक्टिकल शुरू नहीं कराये गए है.

बडगांव में भी अवांछित विषयों की पुस्तके जिला से भेज दी गई है जो लावारिश हालत में पड़ी है.

पिछले दिनों कटनी के लगभग सभी समाचार पत्रों ने बिलहरी हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति पर खबर प्रकाशित की थी. उसके बाद भी शिक्षा विभाग एवं कटनी कलेक्टर  कुम्भ्करनी नीद सो रहे है.
भगवान् ही मालिक है शिक्षा विभाग का. ऐसे में क्या देश की आने वाली पीढ़ी सही रूप से शिक्षित हो सकेगी......?