11 December, 2010

बिना डिग्री डाक्टर लिखा तो खैर नहीं

उक्त समाचार पढ़कर आप चौकिये नहीं स्वस्थ्य विभाग के ताजा निर्देश के अनुसार वैध डिग्रीधारी ही अपने नाम के आगे डाक्टर की उपाधि लिख सकेगे. विभाग ने एक सूची जारी की है जिसमे स्पष्ट रूप से लिखा  है की इस उपाधि का उपयोग कौर कर सकता है और कौन नहीं ?

स्वस्थ्य विभाग ने उन लोगो पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है जिनके पास डिग्री नहीं ही लेकिन वे अपने नाम के आगे डाक्टर लिख रहे है. चिकित्सा व्यवसाय को बदनाम करने वालो को अब कानून के दायरे में लिया जाएगा. इस शब्द का कौन उपयोग कर सकता है इसकी भी परिभाषा निर्धारित कर दी गई है.

संचनालय स्वस्थ्य सेवाए भोपाल ने एक परिपत्र जारी कर इस शब्द के दुरूपयोग पर रोक लगाने के निर्देश जारी किये है. डाक्टर जैसे सम्मानीय शब्द की गरिमा बनाये रखने और इसके दुरूपयोग को रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस नियम का पालन नहीं करने वालो को चिकित्सा अधिनियम की धारा के तहत तीन साल का कारावास  और पचास हजार रूपये के जुर्माने का प्रावधान है.
चिकित्सा सेवा से सम्बंधित व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर सिर्फ बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त  पंजीकृत व्यक्ति ही नाम के आगे डाक्टर शब्द का उपयोग कर सकेगे,

 इस दायरे में मान्यता प्राप्त आयुर्विज्ञान पद्धति मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान परिषद्, मध्य प्रदेश राज्य होम्योपैथिक परिषद्, मध्यप्रदेश आयुवेदिक यूनानी और प्रकृति चिकित्सा से पंजीयन प्राप्त व्यक्ति ही डाक्टर शब्द का उपयोग कार सकते है. इनके  अलावा अन्य व्यक्तियों के द्वरा डाक्टर की उपाधि अपने नाम के आगे लगाना गैर कानूनी समझा जायेगा एवं ऐसा  करने वालो को सख्त सजा मिलेगी. उम्मीद है की स्वस्थ्य विभाग इसे कागजो से निकालकर karyroop  में क्रियान्वित  करने का पूरा प्रयास करेगा.

डाक्टर लिकने से जो अपात्र है -
bee  एस सी न्युत्रिसन, एम् ऐ मनोविज्ञान, रेडियोग्राफर, फिजियोथैरेफिस्ट, निजी चिकित्सालयों  या नर्सिंग होम में कार्यरत कर्मचारी  और गैर डिग्रीधारी क्लिनिक संचालक अपने नाम के आगे डाक्टर शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकते है. ऐसा करने  पर उन्हें कानून का उल्लघन करने का दोषी मानकर कार्यवाही की जायेगी.