04 December, 2010

मध्य प्रदेश की भा जा पा सरकार ने जितनी  भी जनहितैषी योजनाये  चलाई जा रही है उनपर नौकरशाह हावी है. अधिकारियो में जरा भी डर भय नजर नहीं आता इसीलिए चाहे आगनवाडियो  के खस्ताहाल की बात हो या फिर चरमराई  हुई स्वास्थ्य सेवाओं की बात करे सभी योजनाये लालफीतासाही के चलते भ्रष्टाचार का केंद्र बन गई है.

एक बहुत ही अच्छी सरकार की जनहितैषी योजना  है दीनदयाल उपचार योजना जो दीन दुखियो के लिए वरदान है अगर उसे ईमानदारी  से राज्य के  स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अमल करे तो.......
लेकिन इस योजना में जमकर घपलेबाजी चल रही है. इस योजना के कार्ड धारको के कार्ड पर तो राशी चढ़ा दी जाती है लेकिन यथार्थ में उन्हें इसका लाभ नहीं मिल रहा है.

जब इस योजना के तहत हर महीने लाखो रूपये की दवाये स्थानीय दुकानदारो से खरीदी जा रही है तो फिर प्रश्न  यह है की दवाओं और ईलाज के नाम पर यह राशि  जब मरीजो के काम नहीं आ रही है तो फिर कहा जा रही है....:?
दीनदयाल कार्ड धारको को इस योजना के तहत बीस हजार तक की चिकित्सा मुफ्त देने का प्रावधान है.

कटनी जिले के सामुदायिक  स्वास्थ्य केन्द्रों में भरती बी पी एल कार्ड धारक मरीजो  के दीनदयाल उपचार कार्ड होने के बाद भी  कटनी, रीठी, बहोरिबंद, विजयराघवगढ़  सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में मरीजो को दवाओं और आपरेशन सामग्री की लम्बी सूची थमा दी जाती है जिसमे गरीब मरीज के परिजन कर्ज लेकर बाजार से दवाये खरीदते है.

सामुदायक स्वास्थ्य केंद्र रीठी में इलाज के लिए आये दीनदयाल कार्डधारको को जानकारी मागने पर बी एम् ओ डाक्टर गुलाब तिवारी बदतमीजी से बात करते है. अस्पतालों में दीनदयाल उपचार योजना के नाम पर सिर्फ छलावा किया जा रहा है.

मरीजो के परिजनों को यह नहीं बताया जाता है की उनके मरीज को कौन सी दवाये दी जा रही है. जब इन मरीजो के पास यह कार्ड होता है तो फिर उनसे दवाये और आप्रेसन का सामन बाहर से क्यों मगाया जा रहा है.