13 December, 2010

रेल कर्मचारियों की जमा पूजी में हुआ घोटाला

 डीजल शेड न्यू कटनी के सैकड़ो कर्मचारियों की खून पसीने बहाकर जमा की गई पूजी पर डाक और रेल विभाग के कर्मचारियों ने लगभग चार साल पहले डाका डाला था. घोटाला शुरू  होने के  दो साल बाद 2007 में इसका खुलासा होने दी बाद दोनों विभागों ने जाँच शुरू की थी जो अब तक पूरी नहीं हुई है.

हासिल जानकारी के अनुसार हाल ही में डाक विभाग द्वारा कर्मचारियों को भेजे गए पत्रों से नया खुलासा हुआ है. इस पत्र के साथ लगे आहरण पत्रको से जानकारी मिली है की कर्मचारियों के फर्जी हस्ताक्षर कर लाखो रूपये उनके खाते से निकाल लिए गए है. इतना ही नहीं कई रेल कर्मचारियों को तो पता भी नहीं है की उनके नाम से और कितने  खोले गए है.

इन फर्जी खातो में अब भी नाममात्र की रकम शेष दर्शाई गई है. यह देखने के बाद कर्मचारियों के होश उड़े हुए है. जबकि विभागीय जाँच अधिकारी मामले को जल्द निपटाने की बजाय इसे लम्बा खीच कर आरोपी कर्मचारियों को बचाने का प्रयास कर रहे है.

कटनी डीजल शेड में कार्यरत एक हजार से अधिक कर्मचारियों के अल्प बचत योजना के तहत एन के जे उप डाकघर में खाते खोले गए थे. जिसमे  प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से हर माह तीन सौ रूपये काट कर जमा कराये जाते थे. यह कार्य लोको  फोरमैन को सौपा गया था.

अक्टूबर 2007 में रूपये की जरूरत पड़ने पर काफी संख्या में कर्मचारी अपना जमा धन निकालने पहुचे तो उन्हें पता चला की खाते में रकम ही नहीं है, जिसकी शिकायत रेल विभाग समेत पुलिस को की गई.
प्रारंभिक जाँच में लोको फोरमैन व्ही के श्रीवास्तव, ट्रेड पेंटर सुरदर्शन रजक, बी एल राय, पोस्ट मास्टर श्यामलाल गौड़, यू के चतुर्वेदी, डाक निरीक्षक एस के जैन के नाम  सामने आये थे. जिसमे 23 लाख का गबन पकड़ा गया था. तब से पुलिस और रेलवे की जाँच जारी है जो अब तक पूरी नहीं हो सकी है. खुलासे के बाद कुछ कर्मचारियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा गया था

कार्यरत और रिटायर हो चुके रेल कर्मचारियों ने बताया  की उनके खातो की संख्या अचानक बढ़ गई है. डाक विभाग ने जो पत्र उन्हें भेजे है उनमे कई खाते उनके नाम से खुले बताये गए है. जबकि उन्होंने वास्तव में उतने खाते ही नहीं खोले थे. इनमे से कुछ को तो विभाग ने खाते में जमा बताई जा रही रकम का भुगतान भी यह बताने के बावजूद कर दिया है. जिससे रेल अधिकारियो व डाक विभाग की साथ-गाठ  से किये गए गोलमाल के पुख्ता प्रमाण सामने आ गए है. कर्मचारियों ने बताया की आहरण पत्रक पर किये गए फर्जी हस्ताक्षर को डीजल शेड के फोरमैन ने भी अपनी सील व हस्ताक्षर से प्रमाणित किया है.

डाक विभाग ने कुछ दिन पहले एन के जे डीजल शेड में खाता धारको की एक सूची व नाम  खाता नम्बरों के साथ चस्पा की है.  इस सूची को दिन भर कर्मचारी टटोल रहे है. मगर इसमें रकम की जानकारी न होने से कर्मचारियों में चिंता बनी हुई है. सूची में अपना नाम तलाश रहे कर्मचारयो ने बताया की अब तक उनके खातो से गबन की गई रकम वापस लौटा दिए जाने की सूचना नहीं मिली है.

जबकि यह रकम उन्हें घोटाला उजागर होने के तत्काल बाद डाक विभाग द्वारा लौटा दी जानी चाहिए थी. इसके अलावा ब्याज मिलेगा या नहीं यह भी अभी तय नहीं है.