14 December, 2010

विद्युत् संकट से जूझ रहे किसान

पर्याप्त वोल्टेज  नहीं होने से सिचाई करने में हो रही परेशानी

इन दिनों प्रदेश के किसानो की हालत बदहाल है. एक तो मौसम की मार और जलवायु परिवर्तन से प्रभावित पर्यावरण के चलते समय पर वर्षा एवं ठण्ड के न पड़ने से भारतीय किसान पहले से ही परेशान है उसी पर प्रदेश के किसानो को भीषण बिजली  के संकट से जूझना पड़ रहा है.

कटनी जिले की तहसीलों में स्थिति तो और भी बदतर है खासकर रीठी बहोरिबंद क्षेत्र के किसानो की तो और भी दुर्गति है. क्षेत्र  के किसानो को   इन दिनों भीषण विद्युत् संकट का सामना करना पड़ रहा है. विद्युत् विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों से लगातार शिकायत के बाद भी आज तक ग्रामीणों की इस स्थाई समस्या का निराकरण नहीं हो पाया है.

ग्राम पंचायत करहिया के किसान मिट्ठू लाल पटेल ने बताया की दिन में ग्रामीण क्षेत्रो में तो वैसे भी बिजली नहीं रहती है यदि किसान रात में सिचाई करने की भी सोचता है तो बार-बार बिजली गुल होने एवं पर्याप्त वोल्टेज न रहने  के कारण एक एकड़ के खेत को सीचने में इस समय पाच से छेह दिन का समय लग रहा है.

जनपद पंचायत बचैया के किसान सोनेलाल ने बताया की वर्तमान में  इस संकट के कारण किसान न ही थ्रेसर चला पा रहे है और न ही kheto  में उचित मात्रा में सिचाई हो पा रही है. शिचाई पम्प के चालू रहने की स्थिति में वोल्टेज कम होने पर घरो में जुगनुओ की तरह बल्ब जलने लगते है.

बिजली न मिलने तथा कम वोल्टेज  से प्रताड़ित रमेश रजक ने बताया की किसान का बेटा कहने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान के समय में यदि कोई सबसे ज्यादा परेशान, दुखी , उपेक्षित और  प्रताड़ित  है तो वह है मध्य प्रदेश का किसान.

बिजली की समस्या से न केवल किसान बल्कि व्यापारी, विद्यार्थी, गृहणिया सभी परेशान है. इस समय बोर्ड परीक्षा के विद्यार्थी शाम के समय बिजली के न रहने तथा बार-बार गुल होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. रीठी में बिजली जाने और आने का तो जैसे कोई समय ही नहीं है शाम को पहले जहा छेह बजे बिजली आती थी अब तो कोई ठिकाना भी नहीं है की बिजली आएगी भी या नहीं और यदि आएगी भी तो कितनी देर रहे इसका किसी को कोई पता नहीं होता

हालाकि  विद्युत् विभाग ने तहसील मुख्यालय के लिए कटौती की समय सीमा तय कर रखी  है लेकिन रीठी तहसील मुख्यालय में पदस्थ कर्मचारी कटौती के समय के अलावा भी बिजली काट रहे है क्योकि ऐसा पता चला है की जो कर्मचारी जितनी ज्यादा कटौती करेगा उसे विद्युत विभाग से अतिरिक्त लाभ मिलेगा.

जनप्रतिनिधियों  की उदासीनता के चलते रीठी तहसील में बिजली की भारी किल्लत से लोग परेशान है. यहाँ के विधायक निशित पटेल कांग्रेसी है और बड़े उद्योगपति है उन्हें अपने व्यापार से फुर्सत नहीं भला वो क्या जनता की सुध क्यों लेगे.

रही बात सांसद की तो खजुराहो संसदीय क्षेत्र के सांसद जीतेन्द्र सिंह बुंदेला तो ईद का चाँद हो गए है. धोखे में यहाँ के लोगो ने भा जा पा के प्रत्याशी की जिता तो दिया लेकिन अब जनता अपने इस निर्णय पर पछता रही है.


रीठी तहसील के किसानो ने जिला अध्यक्ष एवं विद्युत् विभाग के कर्मियों का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए इस समस्या  के स्थाई निराकरण की मांग की है. गौरतलब है की लोड बढ़ने पर यहाँ पर बार-बार फ्यूज जाने की लगातार शिकायत मिल रही है समस्त ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने इस समस्या के शीघ्र निराकरण  की मांग की है

आखिर गरीब किसानो की बदहाल स्थिति पर कौन और कब सोचेगा......?