01 November, 2010

शासकीय आवासों की रंगहीन दिवाली

कटनी./ दीपावली के त्यौहार के करीब आते ही घर-घर में रंगाई पुताई अंतिम दौर में है. अनेक निजी कार्यालयों में भी साफ़-सफाई के साथ उत्सव का माहौल बना  हुआ है, लेकिन शहर के शासकीय, कार्यालयों और आवासों में दीपावली का उत्साह नजर नहीं आ रहा है. अनेक कालोनियों में इन आवासों में रहने  वाले कर्मचारियों के परिजन ही रंगरोगन कर रहे है और अपने घर की पुताई करने के लिए पुताई का सामना स्वयं खरीद कर ला रहे है.
शहर के मुख्य कार्यालयों में कही कोई तैयारी दिखाई नहीं दे रही है. इनमे प्रमुख रूप से कलेक्ट्रेट, होमगार्ड मुख्यालय, पुलिस लाइन  सहित अनेक शासकीय महाविद्यालयों में स्कूलों में पुताई नहीं हो रही है. अधिकांस  का रखरखाव और पुताई का जिम्मा लोक निर्माण विभाग का है. जबकि स्कूलों को कंटनजेंसी के   रूप में पांच से सात हजार रूपये बहुत पहले ही आवंटित कर दिए गए है.
शासकीय भवनों के रखरखाव के लिए लोक  निर्माण विभाग में एक अलग शाखा काम कर रही है, जिसका काम शासकीय इमारतों की देखरेख करना ही है. जो अपने कर्मचारियों की गेंग और ठेकेदारों के मध्यम से काम करती है. सूत्रों के मुताबिक इस काम के लिए शासन से सीमित बजट मिलता है और हर तीन साल में एक बार डिस्टेम्पर और पांच साल में आईल पेंट कलर किया जाता है. साथ ही मकानों की मरम्मत के लिए सीमेंट भी आती है.

समारोहपूर्वक मनाया गया मध्यप्रदेश दिवस

जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रीति सिंग ने किया ध्वजारोहण
अतिथियों सहित आम नागरिको ने लिया सामूहिक रूप से संकल्प
अखिलेश उपाध्याय / कटनी
एक नवम्बर सं 1956 को मध्यप्रदेश राज्य का गठन हुआ था. मध्य प्रदेश की वर्षगाठ को आज समारोह पूर्वक  मनाया गया. जनपद पंचायत रीठी के ग्राउंड पर आयोजित मुख्य समारोह के अतिथि जनपद पंचायत रीठी की अध्यक्ष प्रीति सिंह एवं उपाध्यक्ष गुलाम गॉस ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया.
मुख्य अतिथि ने सुबह १०.३० पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया. राष्ट्र गान के बाद मुख्य मंत्री का आमजनता के नाम जारी सन्देश वाचन किया गया.

मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह ने उपस्थित जा समूह को सामूहिक रूप से अपने मध्यप्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने,समर्पित भाव से समर्द्ध प्रदेश निर्माण तथा समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प याद लिया
समारोह में जनपद पंचायत सी ई ओ पंकज जैन, जनपद पंचायत रीठी के सदस्य गान एवं ग्रामीण जनता ने हिस्सा लिया.