09 November, 2010

अब लग सकेगा भ्रष्टाचार पर अंकुश ?



ग्राम पंचायतो में विकास कार्य कराये जाने के लिए तेरहवे
वित्त आयोग की गाइड लाइन तय हो गई है.इसके अंतर्गत पंचायतो को जारी मार्गदर्शिका के अनुसार स्वीकृति मिलने के बाद ही काम शुरू हो पायेगे. सरपंच एवं सचिव इस मद में मिली राशी से जरूरी होने पर ही पंद्रह सौ रूपये निकल सकेगे. काम के लिए होने वाला भुगतान एकाउंट पेयी  चेक के मध्यम से होगा.

ग्राम पंचायतो में मूलभूत विकास कार्य कराये
 जाने के लिए सरकार ने तेरहवे वित्त आयोग की अनुशंसा पर वर्ष 2010 -2011 के दौरान खर्च होने वाली राशी के वितरण एवं क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शिका बना दी है. इसके अंतर्गत तकनीकी एवं प्रशासकीय स्वीकृति के बाद समय-समय पर उपयंत्री द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा. कलेक्टर व जिला पंचायत सी ई ओ को निर्देश दिए गए है की सरपंच एव सचिव इस मद से पंद्रह सौ रूपये से ज्यादा का आहरण न कर सके. साथ ही नगद राशी के अग्रिम आहरण के बाद भी इसका दुरूपयोग रोकने के लिए नियम बनाए गए है.

जनप्रतिनिधियों की निगाह रहेगी
तेरहवे वित्त की राशी से स्वीकृत कार्यो पर नियंत्रण रखने के लिए काम की पूरी जानकारी जिला एवं जनपदों की सभा में रखी जाएगी. कार्यो की निगरानी  के लिए सम्बंधित जनपद सदस्य एवं जिला पंचायत सदस्यों को पूरी जानकारी दी जायेगी.

क्या कार्य होगे
* निर्माण  कार्य की पंजियो का संधारण कठोरता से लागू किया जाएगा.
* पंचायत संपत्तियों एवं योजनाओं का वर्षवार विवरण दर्ज करना अनिवार्य होगा
* राज्य वित्त एवं केंद्र वित्त सहित अन्य मद से खर्च होने वाली राशी से निर्माण का व्योरा पी सी ओ दर्ज करेगे
* उपयंत्री करेगे सत्यापन कार्य
* पंजियो के संधारण की जम्मेदारी आर ई एस की होगी
* कन्वर्जेन्स के मध्यम से एक कार्य पर भी खर्च हो सकेगी राशी
* करारोपण कार्य ग्राम पंचायतो को कराना होगा
* पिछले माह से बनाना होगा मासिक व्यय पत्रक
* २० दिसंबर तक पंचायत राज संचालनालय तक भेजेगे कलेक्टर एवं सी ई ओ रिपोर्ट

लगी इन पर रोक
* म न रे गा का अंतर्गत होने वाले कार्य इस मद से नहीं होगे
* सीमेंट, कंक्रीट एवं मुरुम, गिट्टी रोड तेरहवे वित्त की राशी से नहीं होगे
* तालाबो का निर्माण अलग मद से होगा.

शासन के एक निर्देश में तेरहवे वित्त की राशी से होने वाले कार्यो को प्राथमिकता के आधार पर कराने के लिए ई ई आर ई एस, ऐ ई आर ई एस, सी ई ओ जनपद एवं पंचायत इंस्पेक्टरों को निर्देशित किया गया है. इस कार्य पर लापरवाही बरतने पर कठोर कार्रवाई की जावेगी.