11 November, 2010

मनरेगा के कार्यो में अब नहीं होगा भ्रस्टाचार

मनरेगा के कार्यो में अब नहीं होगा भ्रस्टाचार
कटनी / मनरेगा के अंतर्गत होने वालो कार्यो से मजदूरों को लाभ देने  के लिए सरकार ने नए निर्देश जारी किये है. इसके तहत पूर्व में शत-प्रतिशत मनरेगा के कार्य से स्वीकृत निर्माण कार्यो को निरस्त किया जाएगा. नए कार्यो पर होने वाले व्यय में से 60 प्रतिशत राशी मजदूरी पर तथा 40 प्रतिशत निर्माण में खर्च होगी, बाकि राशी अन्य मदों से ली जायेगी.

गौरतलब है की ग्रामीण क्षेत्र में कार्य करने वाले जाबकार्ड धारक मजदूरों को जीविका उपलब्द्ध करने  के लिए सरकार ने महात्मा गाँधी रोजगार गारंटी मिशन शुरू किया है. अप्रैल 08 से शुरू हुई इस योजना में अभी तक लगभग पांच हजार लाख के आसपास राशी खर्च  की जा चुकी  है. इसके बाद भी न तो ग्रामीण  क्षेत्रो में विकास कार्यो में प्रगति दर्ज की गई और न ही मजदूरों को लाभ मिला. योजना में हो रही गड़बड़ियो को रोकने के लिए सरकार ने मनरेगा अधिनियम के अंतर्गत नए निर्देश जारी किये है. तुरंत प्रभाव से लागू हुए निर्देश के बाद इस योजना में घपलेबाजो  पर लगाम कसने में मदद मिलेगी

इस तरह होगी स्वीकृति
ग्रामीण विकास विभाग से आये आदेश के मुताबिक कन्वर्जन के कार्यो में होने वाले घपलो पर लगाम लगेगी तथा मजदूरों को लाभ मेलेगा. अभिसरण मद से होने वाले कार्य की स्वीकृति  के लिए अब मनरेगा के नियमानुसार त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं से अनुमोदन कारण होगा.

मजदूरों को मिलेगा लाभ
नए कार्यो के प्रारम्भ होने पर मनरेगा मद से मिली राशी में से 60 प्रतिशत राशी  अनिवार्य रूप से मजदूरी पर खर्च की जायेगी. इससे जिले के समस्त जाब कार्ड धारको, अर्ध कुशल कुशल मजदूरों को मजदूरी मिलना सुनिश्चित होगी.

रुक सकेगा भ्रस्टाचार
कार्यो की स्वीकृति की प्रक्रिया के तहत कलेक्टर द्वारा कार्य एजेंसी का निर्धारण किया जाएगा. प्रशासकीय स्वीकृति में अलग-अलग मदों से मिलने वाली राशी का स्पष्ट उल्लेख होने से सरकारी धन में घपला करने वालो पर शिकंजा कसा जा सकेगा.

ऐसे होगा निर्धारण
कार्य अनुमोदन के बाद तकनीकी स्वीकृति में पहली किश्त  की राशी मनरेगा मद से होगी. दूसरे भाग की राशी की व्यवस्था कन्वर्जन के अंतर्गत विधायक निधि या अन्य विभागीय योजना से की जा सकेगी. पंचायत एक्ट के तहत लेखा संधारण किया जाएगा.

विकास में मिडिया की भूमिका अहम्

तहसील स्तरीय पत्रकार कार्यशाला
कटनी / शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में मिडिया की भूमिका अहम् है मिडिया योजनाओं में हो रही गड़बड़ियो अथवा कमियों की ओर शासन प्रशासन का ध्यानाक्रष्ट करके जहा एक ओर प्रशासनिक कसावट लाता है वही नागरिको को भी इस बारे में जागरूक करता है. इस आशय के विचार बहोरिबंद में आयोजित एक दिवसीय तहसील स्तरीय पत्रकारिता कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर मुख्य अतिथि जनपद अध्यक्ष शंकर महतो ने व्यक्त किये.
मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता एस डी एम् एस  के अहिरवार ने की. उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा की तहसील में तहसील स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा जिसमे प्रशासनिक अधिकारियो को भी शामिल किया जायेगा. यह समिति क्षेत्र में संचालित शासकीय योजना के अलावा विकास कार्यो के क्रियान्वयन में भी निगरानी रखेगी. पत्रकारों द्वारा पत्रकार भवन की मांग  उठाये जाने पर एस डी एम्  ने कहा की पत्रकार जगह का चयन कर प्रारंभिक औपचारिकताये पूरी कर दे तो वे इस सप्ताह के भीतर भवन के लिए भूमि आवंटित कर देगे.
विशिष्ट अतिथि सीताराम सेठिया ने कहा की देश के विकास में चौथे स्तम्भ की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. मिडिया शासन प्रशासन की दशा और दिशा तय करता रहा है. उन्होंने पत्रकारों से यह अपेक्षा की है की वे निर्भीक और निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करेगे. क्षेत्र के  वरिष्ठ पत्रकार राजाराम अग्रहरी ने कहा की जबलपुर जैसे महानगर में पत्रकारिता की नई ऊचीय  छूने वाले स्वर्गीय अरुण शुक्ल बहोरिबंद क्षेत्र के ही रहे है. जो आज पत्रकारों के लिए आदर्श है. श्री अग्रहरी ने क्षेत्र के पत्रकारों से यह आवाहन किया की वे पत्रकारिता में वैसी ही लगन और निष्ठा  रखे जैसी स्वर्गीय अरुण शुक्ल की पत्रकारिता में देखी गई थी.

तहसील स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में सहायक जनसंपर्क अधिकारी कटनी एम् एल पवार, पत्रकार पुष्पेन्द्र मोदी, अनिल गौतम, अरविन्द अग्रहरी, मुकेश गर्ग, सचिन जैन, मनोज तिवारी, रमाकांत पौराणिक, मनोज गुप्ता, मनोज पटेल, संजीव गर्ग आदि की उपस्थिति रही, कार्यशाला स्थानीय बी आर सी कार्यशाला में आयोजित की गई.