09 December, 2010

पूर्व सरपंच ने हडपा कर्मचारी का वेतन

जनपद पंचायत रीठी की ग्राम पंचयत सिम्डारी के सुकरत पिता ललिया बसर   ने जनपद पंचायत रीठी की अध्यक्ष प्रीति सिंह को सिम्डारी  पंचायत के पूर्व सरपंच राजेंद्र विश्वकर्मा के कार्यकाल के दौरान तेरह माह के वेतन हड़प जाने की एक लिखित शिकायत की है.
अपने शिकायती पत्र में सुकरात ने  पूर्व सरपंच राजेन्द विश्वकर्मा पर आरोप लगाया है विछले पंचवर्षीय में राजेन्द सरपंच रहा एवं  उसके कार्यकाल में तेरह माह का वेतन सुकरत को नहीं दिया गया. सैकड़ो बार निवेदन करने पर भी इस अवधि का भुगतान सरपंच ने उसे नहीं किया. सुकरत का आरोप है की पूर्व सरपंच ने उक्त अवधि का पैसा स्वयं हड़प लिया है.

सुकरत बसोर ने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्र के गद्मान्य नागरिको से  अनेको बार अपनी शिकायत की  एवं उसे अपना पैसा दिलवाने के लिए निवेदन भी किया लेकिन इन जनप्रतिनिधियों ने या तो पूर्व सरपंच से कहा ही नहीं या फिर साठ-गाठ कर समझौता करके स्वयं पैसा लेकर मामला रफा दफा कर दिया.

अपने इस शिकायती पत्र में सुकरत ने आरोप लगाया है की पूर्व सरपंच राजेंद्र विश्वकर्मा ने उसे जातिसूचक गन्दी गलिया भी दी है एवं वह तो पैसा देने से स्पष्ट मना कर रहा है. सुकरात ने बताया की उसे नौकरी से भी निकाल दिया गया है.
गरीब हरिजन के साठ इस हो रही ज्यादती के लिए उसने नयन के अपेक्षा की गुहार अध्यक्ष से लगाई  है.

गरीब मेला में उमड़ी भीड़


शिवराज सरकार  की मंशा के अनुरूप इस समय जनपद पंचायत रीठी में गरीब मेला का आयोजन किया जा रहा है. सप्ताह के प्रत्येक बुधवार को लगने वाले इन गरीब मेलो में ग्रामीण जनता बड़ी संख्या में अपनी समस्याए लेकन अपने आवेदन जमा करने उत्साहित दिख रहे है.जनपद पंचायत रीठी की अध्यक्ष प्रीति सिंह ने लाडली लक्षिम के चैक इस शिविर में आई लाडलियो की माताओं को बाटे


अभी तक रीठी तथा बडगांव में इन शिविरों में अच्छे  खासे आवेदन ग्रामीणों ने जमा करे है. आगामी 15 दिसंबर को गरीब मेला बिलहरी में आयोजित होगा.
इस बार ग्राम पंचायत देवगांव में देवगांव, जमुनिया, मढ़ा देओरी, सिमरा नंबर एक, रायपुर , सुगवा, मझगवा, मह्गावा , मूर्पार , nitarra  , इम्लाज, बिरुहली  इन सभी ग्रामो के ग्रामीण अपनी-अपनी समस्याओ को लेकर आये थे.


जनपद रीठी के सी ई ओ पंकज जैन ने विस्तार से शासन की सभी योजनाओं को ग्रामीणों को समझाया.


इस बार भी हर बार की तरह बी पि एल सूची में नाम जुडवाने को ही आवेदन सर्वाधिक 574 रहे जबकि एक भी आवेदन इस योजना से नाम कटवाने के लिए नहीं आया.