15 December, 2010

स्कूल की प्रयोगशाला को बनाया गोदाम

स्कूल की प्रयोगशाला को बनाया गोदाम
एक ओर जहा प्रदेश में शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए सरकार पैसा पानी की तरह बहा रही है वही देख रेख एवं मानिटरिंग के अभाव में लाखो रूपये की सामग्री फिकी पड़ी है विद्यार्थियों के ज्ञान बढाने के लिए आई इस सामग्री का  लाभ नहीं  मिल पा रहा है.

 विद्यालयों की दुर्दशा की कहानी बयान करता बिलहरी का शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक विद्यालय शिक्षको एवं स्कूल शिक्षा  विभाग के अधिकारियो के लापरवाह रवैया के चलते अराजकता की हालत में पहुच गया है.

636 विद्यर्थियो की संख्या वाले इस विद्यालय की दुर्दशा यहाँ पदस्थ शिक्षको के लालच एवं उदासीनता के कारण हुई है. क्षेत्रीय जनता ने एक शिकायत में जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह से इस विद्यालय की अव्यवस्थाओ एवं विसंगतियों के अवलोकन का आग्रह किया था.

अपने औचक निरीक्षण में अध्यक्ष महोदय यहाँ की स्थिति देख दंग रह गयी. विद्यालय के 22 लोगो के स्टाफ में से मात्र तेरह कर्मचारियों के उपस्थिति रजिस्टर पर हस्ताक्षर मिले. विद्यालय की अधिकतर कक्षाए शिक्षक न होने के कारण खाली पड़ी थी.

विद्यालय भवन की जर्जर हालत देख जब प्रीति सिंह ने उपस्थित शिक्षक के एस मिश्र से पूछा तो उन्होंने कहा की नवीन भवन निर्माणाधीन है शायद मार्च तक बनकर तैयार हो जायेगा तो विद्यालय उसमे  स्थानांतरित हो जायेगा. इसलिए इसमें कोई सुधार नहीं कराया जा रहा है. 

गौतलब है की शाला विकास के नाम पर विद्यार्थियों से लगभग प्रति वर्ष 45 हजार रूपये की राशी विद्यालय के कोष में एकत्रित होती है लेकिन इस विद्यालय की दुर्दशा देख कर कही से भी नहीं लगता की इस मद में आये पैसे से शाला में कही कोई मरम्मत का काम कराया गया या फिर पुताई कराई गई है.

लेकिन ठीक इसके विपरीत विद्यालय में एक अन्य मद से लगभग 25 हजार की राशी से मेंटेनेंस का काम चलते देख अध्यक्ष महोदय ने पुछा तो मिश्र बगले झाकने लगे.

प्रयोगशाला के  हालात यह बताते है की यहाँ कभी भी किसी भी प्रकार के प्रेक्टिकल विद्यार्थियों से नहीं कराये जाते है. प्रयोगशाला का कीमती सामान कबाड़ की हालात में कचरे के ढेर में पड़ा है. इस विषय में पूछने पर कक्षा ग्यारहवी की विज्ञान की छात्रा रूचि चोरासिया पिता गणेश प्रसाद चोरासिया ने  बताया की प्रयोगशाला में कभी भी उनसे प्रेक्टिकल नहीं कराये गए

 इसी कक्षा की एक और छात्रा पिंकी  यादव पिता राम कुमार यादव  ने बताया की उसने  प्रयोगशाला में प्रेक्टिकल होते कभी देखा ही नहीं . जबकि एक और  विद्यार्थी शुभम सोनी पिता लोकचंद सोनी ने कहा की भौतिक एवं रसायन विषय के प्रयोग अभी तक तो नहीं हुए शायद भविष्य में होगे.
प्रयोगशाला सहायक के विषय में विद्यार्थियों ने बताया की सुनील गौतम कटनी से आना जान करते है और आज नहीं आये है. गौरतलब है की यहाँ के अधिकांस शिक्षक कटनी से अप-डाउन करते है. देर से आना  जल्दी जाना इस क्रम में विद्यर्थियो की पढाई प्रभावित होती है.

इस सब विसंगतियों को देख प्रिंसिपल बी पी जोतिषी के कार्यशैली पर भी सवालिया निसान लगता है.

प्रयोगशाला कक्ष में बिखरे सामान एवं बेतरतीब पड़ी किताबो को देख अध्यक्ष के पूछने पर शिक्षक के एस मिश्र ने बतया की जिले से कुछ ऐसी पुस्तके भेज दी गयी है जो बिषय यहाँ पढाये ही नहीं जाते. ज्ञात हो की बिलहरी हायर सेकंडरी स्कूल में मात्र कला एवं विज्ञान विषयो की ही पढाई दी जाता है जबकि  जिले से यहाँ सैकड़ो की संख्या में कामर्स  की पुस्तके भी भेज दी गई है जो कचरे के ढेर में पड़ी है. यदि इन पुस्तकों को जरूरतमंद विद्यार्थियों  को बाट दिया जाता तो इसकी उपयोगिता सफल रहती.

जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह ने जिला शिक्षा अधिकारी एवं कलेक्टर कटनी को इस पर तत्काल कार्रवाई करने के लीये लिखा है.

तालाब का पानी पीते चले आ रहे हो और पीते रहो.......


अखिलेश उपाध्याय / कटनी

गरीब मेला में आया अस्प्रश्यता का एक और मामला

सरकार लाख कोशिशे कर ले लेकिन भारतीय जनमानस से जाती-पाती के भेदभाव को मिटा पाना  इतना आसान नहीं है तभी तो कटनी जिले की रीठी जनपद  पंचायतो में लगातार अस्प्रश्यता के मामले निचली जाती के लोगो द्वारा शिकायत के रूप में प्रकाश में आ रहे है.


अभी बरजी प्राथमिक स्कूल के मध्यान्ह भोजन में उच्च  समाज की महिलाओं द्वारा हरिजन बच्चो की थालिया न धोने के मामले की जाँच पूरी भी नहीं हुई है जिसमे उच्चवर्ग के अधिकारियो तथा मीडियाकर्मियो पर आरोप लगाए जा रहे है की मीडिया में बैठे सवर्ण पत्रकार एवं निर्णायक भूमिका में बैठे अधिकारी अपने समाज का पक्ष ले रहे है व खबरों को तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे है.

यह मामला अधिकारी निपटाने में लगे ही थे की इसी बीच बिलहरी के गरीब मेला शिविर में इससे और भी गंभीर मला प्रकाश में  आया है.
बिलहरी ग्राम पंचायत के वार्ड नंबर नो की पंच चन्दोबाई पति नरेश चोधरी ने रीठी जनपद अध्यक्ष प्रीति सिंह को लिखित शिकायत में बताया की वह तथा उसके वार्ड के लगभग नो सौ लोग तालाब का पानी पीने मजबूर है.
 चन्दोबाई  ने अपने पत्र में लिखा है की वह ग्राम पंचायत बिलहरी के वार्ड क्रमांक नो की पंच है जो हरिजन वार्ड के नाम से जाना जाता है.  लगभग सात सौ की आबादी वाले इस वार्ड में एक मात्र हेंडपंप के भरोसे लोग जीवन यापन कर रहे है.



आबादी के अधिक दबाब के चलते यह इकलौता  हेंड पम्प लोगो को पानी की पूर्ती नहीं कर पाता है इसलिए मजबूरन यहाँ के वाशिंदों को हरिजन बस्ती के पास ढकोरा तालाब  का प्रदूषित पानी पीने की मजबूरी है. वे ऐसा पिछले कई महीनो से कर रहे है.



चंदो  बाई ने इस पत्र में आगे लिखा है की  जिस वार्ड की वह पंच है वहा पीने के पानी की बड़ी जटिल समस्या है. आस-पास अन्य कोई हेंडपंप अथवा कुआ न होने से वार्ड के हरिजन लोग तालाब का गन्दा पानी पीने मजबूर है.

हरिजन होने के नाते गाँव के अन्य हेंडपंप से वे पानी भर नहीं सकते. ऐसे में विवशता में उन्हें जीने के लिए इस प्रदूषित तालाब का पानी पीना पड़ रहा है.

इन पर की जा रही ज्यादती यही ख़त्म नहीं होती इस तालाब में  मछली पालने वाले इन पर और भी अत्याचार कर रहे है. इस तालाब में मछली पालन भी होता है जिसके कारण इसमें गोबर आदि गंदगी भी डाली जाती है जिससे पानी प्रदूषित हो जाता है.

चन्दोबाई ने वार्ड की अपनी इस समस्या को कई बार सरपंच श्रीमती आशा  वर्मा को मौखिक रूप से बताया तो सरपंच ने जबाब दिया की वह कुछ नहीं कर सकती.

एक हरिजन होने के नाते वह सरपंच की ड्योढी के बाहर जाकर अपनी मर्यादाओ  में रहकर सरपंच से  अपनी गुहार लगाती रही जिसे आज तक सरपंच ने उनकी इस गंभीर समस्या को नहीं समझा.

चंदो बाई के अनुसार ग्राम पंचायत बिलहरी की  सरपंच आशा वर्मा के देवर कैलाश वर्मा ही पंचायत का सञ्चालन कर रहे है. क्योकि सरपंच ने कहा की वह उनके देवर से मिले.

कैलाश वर्मा जो पूर्व में भी सरपंच रह चुके है उन्होंने भड़कते हुए कहा की पानी की समस्या कोई बड़ी बात नहीं है. तुम लोग तालाब का पानी पीते चले आ रहे हो और पीते रहो तुम्हारे चोधरी मोहल्ला में कोई हेंडपंप नहीं खुदेगा.
पंचायत के संचालक सरपंच से आहात और निराश  होकर ग्राम पंचायत की पंच चंदो बाई ने उक्त शिकायत जनपद पंचायत रीठी अध्यक्ष प्रीति सिंह को दी है. मामले की गंभीरता को समझते हुए अध्यक्ष प्रीति  सिंह ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सरपंच को तत्काल इस वार्ड में हेंड पम्प खुदवाने के निर्देश  दिए है.