19 December, 2010

ऐतिहासिक पुष्पवती नगरी

कटनी जिले की ऐतिहासिक नगरी पुष्पवती नगरी के प्राचीन मंदिरों, वावालियो एवं जलाशयों की सरकारी अमले की उपेक्षा के चलते अपने विनास की ओर है. एक ओर जहा बिलहरी के प्राचीन जलाशय लक्षमण सागर के उन्नयन एवं पुनुर्द्धार के लिए डेढ़ करोड़ की लागत से सिचाई विभाग के मध्यम से काम जारी है जिसमे सौन्दर्यीकरण भी शामिल है तो वही शासन के नियमो को धता बताते हुए इस तालाब में गैरकानूनी रूप से सिंघाड़ा लगाकर इसमें गंदगी की जा रही है



दुर्गा बर्मन नाम के बिलहरी के व्यक्ति को दिए गए मत्स्य पालन हेतु इस तालाब में मत्स्य पालन तो नहीं हो रहा जबकि वावन एकड़ के इस तालाब में सिंघाड़ा जरूर लगाया गया है.


जानकार सूत्रों से जो खबर आ रही है उसके अनुसार जनपद रीठी में सी ई ओ कार्यालय से सरकारी तालाबो में मत्स्य पालन हेतु राशि जमा करके अनुमति जारी की जाती है. लेकिन बिलहरी में जो अनुमति पत्र दुर्गा बर्मन के पास है उसमे मत्स्य एवं सिंघाड़ा दोनों की अनुमति है.


जबकि इस सम्बन्ध में रीठी जनपद पंचायत की अध्यक्ष प्रीति सिंह को एक शिकायत में ग्रामीणों ने बताया की मत्स्य पालन की जगह इस तालाब में सिंघाड़ा बोया गया है. जिसमे प्रति बांस दो हजार रूपये की राशी के हिसाब से बर्मानो को सिंघाड़ा बोने हेतु वह व्यक्ति बाँट रहा है जिसे स्वयं अनुंती नहीं दी गई है.


लक्षमण सागर  जलाशय में इस समय  सिंघाड़ा बोया गया है. ग्राम  के लोगो  ने बताया की तालाब  में जमकर  गंदगी की जा रही है. सिंघाड़ा बोने के लिए तालाब के अन्दर ही मेढ़ बंधान करके  करके दर्जन भर लोगो को ताला का वितरण कर लाखो  रूपये की अवैध  राशी वसूली गई है.


जनपद अध्यक्ष ने इस पर तत्काल करवाई करने हेतु सी ई ओ को निर्देश  दिए है.

मागी गई जानकारी में कोरे कागज दिए

कटनी जिले में राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशों का पूरी तरह से मजाक उड़ाया जा रहा है तभी तो यहाँ चलने वाले 67 हेड स्टार्ट केन्द्रों में से एक भी चालू हालत में नहीं है जबकि इनके रखरखाव और सञ्चालन के लिए आने वाली लाखो रूपये की राशी को ठिकाने लगाया जा चुका है.

राज्य शिक्षा केंद्र भोपाल से जिला शिक्षा केन्द्रों को स्पष्ट निर्देश है की हेड स्टार्ट कार्यक्रम शासन की अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है. इस कार्यक्रम का लाभ छात्र-छात्राओं को शतप्रतिशत मिले इसके लिए निम्न कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे -
आवश्यकतानुसार कक्ष की मरम्मत, पुताई, सुरक्षा की द्रष्टि से खिड़की  व दरवाजो की मरम्मत आदि करना .
हेड स्टार्ट केन्द्रों में अर्थिंग  का होना अनिवार्य किया गया है.
कक्ष में कम्पुटर, प्रिंटर आदि के लिए असग-अलग स्विच साकेट लगाये जाने तथा यू पी एस के लिए 15 एम्पियर स्विच साकेट लगाये जाने के निर्देश दिए गए थे.
कम्पुटर कक्ष में सीमेंट का निर्धारित ऊचाई का प्लेटफार्म जिसमे ऊपर कडप्पा पत्थर हो लगाया जावे.
बी एस एन एल-यू एस ओ ऍफ़ योजना अंतर्गत यदि हेड स्टार्ट केंद्र में इंटरनेट कनेक्शन नहीं हुआ है तो तत्काल बी एस एन एल के विकासखंड स्तरीय अधिकारियो से संपर्क कर इन्टरनेट कनेक्शन कराये.
हेड स्टार्ट केंद्र एवं आसपास साफ़ सफाई रखी जाए.
किसी भी स्थिति में हेड स्टार्ट केंद्र की समस्त सामग्री (कम्पुटर, प्रिंटर, यू पी एस) आदि किसी अन्य कार्यालय/ स्थान में नहीं होना चाहिए. यदि हेड स्टार्ट केंद्र कोई सामग्री केंद्र में नहीं पायी जाती है तो सम्बंधित हेड स्टार्ट केंद्र प्रभारी के विरुद्ध शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई की जावेगी.

 उक्त समस्त कार्रवाई दिनांक 15 .07 .2010 के पूर्व करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे. लेकिन आज दिनांक तक हेड स्टार्ट केंद्र जस के तस बदहाल स्थिति में अभी भी बंद पड़े है.






गौरतलब है की प्रत्येक हेड स्टार्ट  केंद्र के रखरखाव के लिए प्रति वर्ष 25 हजार की राशी आती है लेकिन इस राशी का सदुपयोग किसी भी केंद्र पर होते नहीं पाया गया. जिले में कुल 67 हेड स्टार्ट केंद्र चालू है सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मनोज तिवारी को प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अभी तक 5454 विद्यार्थी लाभान्वित हुए है जिसमे बडवारा ब्लाक में 756 , बहोरिबंद में 668 , ढीमर खेडा में 927 , कटनी में 1410 , रीठी में 711 एवं विजय राघव गढ़ में 982 विद्यर्थियो को लाभान्वित होना बताया गया है.

इसी प्रकार इस योजना में जिले के कुल 378 शिक्षको को प्रक्षिशन दिलाया गया है वे विकास खंडवार   क्रमशः इस प्रकार है - बडवारा 70 , बहोरिबंद 62 , ढीमर खेडा 76 , कटनी   78 , रीठी 38 , विजय राघव गढ़ में 54 शिक्षको को हेड स्टार्ट केन्द्रों में शिक्षण कार्य हेतु प्रशिक्षण दिलाया गया है.

इस योजना का सञ्चालन जिले में कही पर नहीं हो रहा है जिला शिक्षा केंद्र से दिए जा रहे आकडे गलत और भ्रामक है. आर टी आई एक्टिविस्ट मनोज तिवारी को जिले में कुल लाभान्वित विद्यार्थियों 5454 की दी गयी सूची कोरी है. इसमें उपस्थित विद्यर्थियो की जो छाया प्रति दी गई है वह इस तरह से फोटो कापी कराई गई है की उसमे कुछ भी नजर ही नहीं आता. इस प्रकार जिला शिक्षा केंद्र द्वारा सूचना अधिकार के तह मागी गई जानकारी में कोरे कागज दिए गए जिससे गंभीर आर्थिक  अनियमितता होने का संदेह है.

बैटरी की स्थिति एवं नवीन आवंटन पर मांगी गई जानकारी में मनोज तिवारी को बताया गया है की निर्धारित अवधि तीन वर्ष पूर्ण होने के पश्चात बैटरी प्रदाय पूर्व केंद्र  के यू पी एस चार्ज नहीं हो रहे थे. जिस कारण बैटरी प्रदाय की गई. प्रदाय उपरांत यू पी एस बैकप प्रदान करने लगा.

कुल मिलाकर कम्पुटर सिस्टम बैटरी आदि के रखरखाव में अभी तक 667421 रूपये की राशी व्यय की जा चुकी है.