22 December, 2010

खुले आम हो रही पानी की चोरी

विगत तीन वर्षों से लगातार सूखे की मार झेल रहे किसानो को नहर एवं अन्य सिचाई श्रोतो पर खेती की निर्भरता बढ़  गई है. जलाशयों से नहरों के माध्यम से जल वितरण की लचर व्यस्था के चलते क्षेत्र के किसानो में वैमनस्यता बढ़ती जा रही है और यह आपसी मनमुटाव कही किसी की जान पर न बन जाए ऐसी भी असंका से इनकार नहीं किया जा सकता.

रीठी के barahata जलाशय से निकलने वाली नहर सिचाई विभाग के अधिकारी कर्मचारी की अनदेखी के चलते नहर को जगह-जगह से छतिग्रस्त करके सिचाई की जा रही  है. इससे एक ओर जहा पानी का दुरूपयोग हो रहा है वही जलाशय से दूर के किसानो तक पानी पहुच ही नहीं पाता है.

विगत दिनों ऐसी ही एक शिकायत यहाँ के किसान संतोष पटेल ने एस डी ओ सिचाई विभाग रीठी को की अपनी शिकायत में किसान ने बताया की रीठी थाना के पास से निकलने वाली नहर पर दबंगों का कब्ज़ा है. सिचाई विभाग के कर्मचारी इससे बेखबर बने हुए है. नहर खोलने और चालू करने वाले व्यक्ति को शराब आदि पिलाकर पैसे वाले किसान जब चाहे तब पानी बंद और चालू करवा लेते है.
नहर के पानी को जगह-जगह पत्थर और मिटटी की मेढ़ बनाकर रोका गया है.

इस नहर पर खुले आम पम्प रखकर पानी लगाया जा रहा है. और प्रशासन बेखबर है.  प्रशासन से इस समस्या को तत्काल हल करने के लिए क्षेत्रीय किसान ने अपेक्षा की है और  मांग की है की सिचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा नहर के मरम्मत पर आने वाली राशी का  हिसाब दिया जाए और तत्काल जल वितरण व्यस्था दुरुस्त की जावे वर्ना क्षेत्र के किसान आन्दोलन पर उतारू हो जावेगे.

कमाई के लिए नियम तक पर रखे

सरकार कोई भी योजना शुरू तो कर देती है लेकिन घुमा फिरा कर वह पैसा नोकर्शाहो  और नेताओ के भ्रस्टाचार के मकडजाल के कारण  वही गोल-गोल घूमता रहता है.
मध्यान्ह भोजन योजना पर हर माह करोडो रूपये व्यय हो रहा है इसके  बाद भी शालाओ में उपस्थिति कम क्यों होती जा रही है....? स्वसहायता समूहों की मनमानी एवं अधिकारियो की ढुलमुल नीति इस योजना को चोपट कर रहा है.

हमारी  आने वाली पीढ़ी ज्यादा पढ़ी  लिखी हो देश के बच्चे शारीरिक रूप से मजबूत हो इस हेतु शुरू की गई मध्याह्न भोजन योजना भ्रस्टाचार की भेट चढ़कर रह गई है.
कटनी जिले के शासकीय विद्यालयों में पढने वाले छात्र-छात्राओं के भोजन पर करोडो  रूपये खर्च होने के बाद भी बच्चो को मानक के अनुरूप खाना नहीं मिल पा रहा है. जबकि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी जिले में सब कुछ ठीक होने का रटा रटाया वाक्य दोहरा रहे है.

इस योजना के शुरू होने के बाद से अब तक घटिया स्तर के भोजन की शिकायत सैकड़ो बार प्रकाश में आई है इसके बाद भी जिले में न तो व्यवथाये सुधरी और न ही अनियमितताए करने वाले समूह ही बदले गए. कुछ स्कूलों में तो हालत यह है की न तो स्कूल में बच्चे आ रहे और न ही खाना बन रहा है.

विगत दिनों जनपद पंचायत अध्यक्ष रीठी प्रीति सिंह ने क्षेत्र के विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर मध्यान्ह भोजन और शिक्षा के स्तर का निरीक्षण किया था. निरीक्षण में अधिकांस स्कूलों में भोजन वितरण में अनियमितता दर्ज की गई थी. देवरी प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, मोहास ई जी एस, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, प्राथमिक शाला कैमोरी में ढेरो विसंगतिया पाई गई. इन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है.

अधिकांस स्कूलों में सरपंच और सचिव के समर्थक समूहों द्वारा भोजन वितरण का काम किया जा रहा है. जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के कारण अधिकारी स्कूलों में एम् डी एम् पर ध्यान ही नहीं देते.

ग्रामीण क्षेत्रो के स्कूलों में भोजन वितरण कर रहे समूह भोजन बनाने से ज्यादा कमाई पर ध्यान दे  रहे है. अधिकांस समूहों के द्वारा बनाये जा रहे भोजन में कच्ची रोटिया और दाल सब्जी के नाम पर सिर्फ पानी ही मिलता है. जिले के लगभग हर समूहों पर अनियमितताओं के आरोप लग चुके है.

सरकार की योजना का हाल ऐसा है जैसे एक टुकड़ा रोटी बीस कुत्तो में डाल दी गई हो और उस पर सब टूट पड़े हो.

नहीं खुलते प्रयोगशाला के पट

शिक्षा विभाग में व्याप्त अनियमितता ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है. कटनी जिले में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों की दुर्दशा तो अब  कोई नई बात नहीं है लेकिन हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी स्थितिया बहुत अच्छी नहीं है.

सरकारी विद्यालयों में पदस्थ शिक्षक बच्चो की पढ़ाई पर जरा भी ध्यान नहीं देते. जिले में ऐसे कई स्कूल है जहा पर अभी भी बहुत से विषयो के पाठ्यक्रम की पढाई शुरू ही नहीं हुई है. मिल रही खबरों में रीठी हाई स्कूल में अब से पंद्रह दिन पहले तक संस्कृत की पढ़ाई शुरू तक नहीं हुई थी.

प्रश्ससनिक अनदेखी के चलते शिक्षा का स्तर दिनों दिन घटता जा रहा है जबकि शिक्षा के स्तर में सुधार के लिए हर वर्ष राशी बढती जा रही है. क्षेत्र में सतत विकास एवं जनता के लिए आई हर एक योजन का हितग्राहियों को पूरा लाभ मिले इसके लिए रीठी जनपद की अध्यक्ष प्रीति सिंह क्षेत्र का युद्ध स्तर पर भ्रमण कर  रही है.



विगत दिनों बिलहरी हायर सेकंडरी स्कूल के निरीक्षण के दौरान रीठी जनपद अध्यक्ष को  वहा की प्रयोग शाला कबाड़ की हालात में मिली थी वैसी ही स्थिति बडगांव हाई स्कूल में भी पाई गई.

शासकीय हाई स्कूल बडगांव में भी अभी तक प्रयोगशाला के दरवाजे तक नहीं खोले गए है. गंदगी और अव्यवस्था में बदहाल पड़ी यहाँ की प्रयोगशाला के हाल बिलहरी से कुछ कम नहीं है. यहाँ भी अभी तक बच्चो को प्रेक्टिकल शुरू नहीं कराये गए है.

बडगांव में भी अवांछित विषयों की पुस्तके जिला से भेज दी गई है जो लावारिश हालत में पड़ी है.

पिछले दिनों कटनी के लगभग सभी समाचार पत्रों ने बिलहरी हायर सेकेंडरी स्कूल की प्रयोगशाला की बदहाल स्थिति पर खबर प्रकाशित की थी. उसके बाद भी शिक्षा विभाग एवं कटनी कलेक्टर  कुम्भ्करनी नीद सो रहे है.
भगवान् ही मालिक है शिक्षा विभाग का. ऐसे में क्या देश की आने वाली पीढ़ी सही रूप से शिक्षित हो सकेगी......?