08 January, 2011

ठेकेदार द्वारा मनमानी

शासकीय भवनों के निर्माण में इस कदर भ्रस्टाचार व्याप्त है की ठेकेदार सिर्फ और सिर्फ अपना लाभ ही देख रहे है. सिविल ईन्जिनिअरिन्ग के नियम कायदों को ताक पर रख कर जिले में ठेकेदार निर्द्वंद होकर काम कर रहे है. कम समय में करोडपति बन्ने के चक्कर में आज की पीढी देश के साथ छलावा कर रही है और विकास को  भ्रस्टाचार निगल रहा है.

रीठी तहसील मुख्यालय में निर्माणाधीन तहसील भवन के निर्माण में ठेकेदार द्वारा हद दर्जे की मनमानी की जा रही है. पी डब्लू डी द्वारा ठेकेदार के माध्यम से बन रहे इस भवन में ठेकेदार का नाम, लागत आदि का बोर्ड नहीं लगाया गया है.





स्थल पर निकल रहे पत्थर को ही मजदूरों से तुड़वाकर दीवारे चुनवाई जा रही है. इसी घटिया पत्थर को बड़ी संख्या में मजदूर लगाकर तुडाई  कराई जा रही है. और फिर  इसी गिट्टी से बीम और नीव भरी जा रही है.

यहाँ लगने वाला लोहा घटिया स्तर का तथा इसके बीम में लगने वाले लोहे की स्पेसिंग भी अधिक की जा रही है जो सिसिल ईन्जिनिअरिन्ग के नियमो के विरुद्ध है.

यहाँ  काम कर रहे मजदूरों में बहुत से नाबालिग बच्चे भी काम कर रहे है जो की बाल मजदूरी अधिनियम का उपहास उड़ा रहा  है.

इस प्रकार तहसील  मुख्यालय में चल रहे इस भवन निर्माण कार्य में किये जा रहे गड़बड़ घोटाले  से पी डब्लू डी विभाग के ईन्जिनिअर और आला अधिकारियो को कोई लेना देना नहीं है क्योकि वे तो पहले ही लेकर बैठ गए है. जनता के पैसे को टेक्स के रूप में लादकर महगाई तो बढाई जा रही है लेकिन कटनी जिले में उसी पैसे से विकास के नाम पर चल रहे काम पर ध्यान देने की बजाय अधिकारी, कर्मचारी और ठेकेदार खुली लूट मचाये है.
जनता की उदासीनता और मक्कार ठेकेदार तथा कुम्भ्करनी नीद में सो रहे कटनी जिला प्रशासन के चलते जिले में जमकर लूट और भ्रस्टाचार व्याप्त है.