12 January, 2011

साठ हजार पौधों पर तुषार का असर

कटनी जिले की रीठी तहसील अधिकांश फसल पाला  से प्रभावित हुई है. तुषार से अरहर की 40 से 50 प्रतिशत फसले, मटर की 25 से 30 प्रतिशत, मसूर की 25 से 35 प्रतिशत, चने की 10 से 25 प्रतिशत, राय-सरसों एवं अलसी की पांच से दस प्रतिशत फसले प्रभावित हुई है. शीतलहर एवं पाला से प्रभावित फसलो की तबाही से किसान चिंतित है.

इस पाला से शासकीय निकुंज खम्हरिया (घुघरा) भी अछूता नहीं रहा. यह कहना है राधेलाल नामदेव, ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी  का. नामदेव के मुताबिक इस वर्ष उन्होंने नर्सरी में एक लाख आम के पौधे तैयार किये थे जिसमे से लगभग साठ हजार पौधों पर तुषार का असर हुआ है.

एक और ग्रामीण  उद्यान विस्तार अधिकारी बी पी झारिया ने बताया की बड़े परिश्रम से इन आम के पौधों को तैयार किया गया था लेकिन इस बार पडी अधिक ठण्ड ने इन पौधों को बुरी तरह झुलसा दिया है. अब इन पौर्धो को बचाने के लिए इनमे पानी लगाकर यूरिया का छिडकाव किया गया है.

उद्यान प्रभारी नामदेव ने बताया की घुघरा नर्सरी के नाम से प्रसिद्द शासकीय संजय निकुंज खम्हरिया (घुघरा) में फलदार पौधे एवं वृक्षों की नर्सरी है जहा विभागीय योजना एवं राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पौधों को तैयार किया जाता है. यहाँ से न केवल जिले के किसानो को बल्कि इस वर्षः जिला पंचायत सी ई ओ शहडोल को एक लाख उनतीस हजार रूपये के विभिन्न प्रकार के फलदार पौधे दिए गए.

इस नर्सरी में आवला की बनारसी और चकिया क़िस्म के चालीस वृक्ष लगे है जिनकी फल्सल  देखकर दिल खुश हो जाता है.

इसी प्रकार इस नर्सरी में सिन्दूर के पौधे भी तैयार किये गए है.