13 January, 2011

कंप्यूटर समर्थित शिक्षा में करोडो का घोटाला

कटनी / शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए मध्य प्रदेश शासन की एक पहल है - "हेड स्टार्ट कार्यक्रम". प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो  में सूचना प्रोद्योगिकी के ज्ञान के अंतर को समाप्त करते हुए हेड स्टार्ट कार्यक्रम शैक्षणिक संसाधनों में संवृद्धि करने वाला एक कार्यक्रम है. इस कार्यक्रम के अंतर्गत मल्टीमिडिया रिच लेसन के माध्यम से बच्चो को सीखने की ऐसी परिस्थितियों का निर्माण किया जाता है, जिसमे बच्चो में स्वयं एवं मिलजुलकर सीखने की प्रवृत्ति का विकास हो, जिससे सीखना प्रभावी और स्थाई हो सके. राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा विषय-वस्तु आधारित शैक्षणिक कार्यक्रम की सी डी उपलब्द्ध करयी जाती है.

लेकिन कटनी जिले में इस योजन पर करोडो का खर्च तो किया गया है लेकिन धरातल पर जिले के विद्यार्थियों के साथ खुलेआम छलावा किया गया है. यह खुलासा आर टी आई एक्टविस्ट मनोज तिवारी को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत दिए गए दस्तावेजो में हुआ है 

दिए गए दस्तावेजो में  राज्य शिक्षा केंद्र के पत्र क्रमांक/आई ई सी/ हेड स्टार्ट/ 2005  4567  भोपाल दिनांक 21 .09 .2005 के अनुसार हेड स्टार्ट कार्यक्रम में किये जाने वाले कार्यक्रम के वारे में विस्तार से सभी जिला परियोजना समन्वयक को लिखा गया है इस पत्र में लिखा है की जन शिक्षा केंद्र स्तर पर हेड स्टार्ट कार्यक्रम की मानिटरिंग हेतु निर्देश प्रसारित किये गए इस पत्र में स्पष्ट लिखा है की हेड स्टार्ट जनशिक्षा केंद्र में मुख्य रूप  से संचालित होने वाली गतिविधिया होगी -
कंप्यूटर समर्थित शिक्षा, पुस्तकालय गतिविधि, विज्ञान क्लब.

फर्जी आकडे प्रस्तुत किये
कंप्यूटर समर्थित शिक्षा के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए शासन के जो निर्देश थे उनमे-
जिज्ञासा में वृद्धि
स्वयं करके सीखने का अवसर
परस्पर एक दूसरे में समूह के माध्यम से सीखना
विभिन्न स्तर के बच्चो को अपनी स्तरानुसार सीखने के अवसर
स्वयं का मूल्यांकन करने का अवसर
कंप्यूटर  के माध्यम से सीखने को प्रोत्साहन
गलती सुधारने का अवसर
स्राजन्शीलता का विकास
इन सब उद्देशो का पालन कटनी जिले के किसी भी हेड स्टार्ट केंद्र में नहीं किया गया

कक्ष व्यस्था
हेड स्टार्ट कक्ष में न्यूनतम निम्नानुसार व्यस्थाए होनी चाहिए-
कक्ष में तीन कम्यूटर रखने के लिए टेबिल या सीमेंट का प्लेटफार्म
प्रत्येक कम्यूटर के सामने  तीन-तीन बच्चो के बैठने के लिए लगभग 10 -12 मोल्डेड प्लास्टिक के स्टूल
विभिन्न पुस्तकालय कार्यक्रमों के अंतर्गत प्रदत्त पुस्तके, शैक्षणिक सामग्री
दरी (बच्चो द्वारा कंप्यूटर रहित गतिविधि करने के लिए), व्हाईट बोर्ड, पिन अप बोर्ड.
उक्त नियमो का कही पर भी पालन नहीं किया गया और न ही किसी हेड स्टार्ट केंद्र में यह व्यस्था ही है.

पुस्तकालय गतिविधि
प्रत्येक हेड स्टार्ट  केंद्र में पुस्तकालय की स्थापना की गई है एवं इसे हेड स्टार्ट  के साथ जोड़ा गया है. भौतिक सत्यापन करने पर किसी भी केंद्र में यह व्यस्था नहीं मिली  यह सिर्फ कागजो में चलने वाली योजना बनकर रह गयी है.
क्या थे  इस गतिविधि के  उद्देश्य -
बच्चो में पथ्य पुस्तकों के अलावा अन्य पुस्तके पढने की आदत डालना
बच्चो को सुन्दर, रोचक पुस्तके सहजता से मिल सके
बच्चो में छिपी हुई रचनात्मक क्षमताओं के उजागर होने का मौका

पुस्तकालय गतिविधि की मुख्य गतिविधिया
भित्ति पत्रिका (बाल न्यूज़ पेपर), गोष्ठी, परिचर्चा, पुस्तकालय की पुस्तकों का आदान प्रदान, पुस्तकों से सम्बंधित गतिविधिया

पुस्तकालय गतिविधि का क्रियान्वयन
विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हेड स्टार्ट  जनशिक्षा केंद्र  में स्थापित पुस्तकालय को पुस्तके प्रदान की गई है एवं इस वर्ष नॅशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली के सहयोग से पाठक मंच भी हेड स्टार्ट  जनशिक्षा केन्द्रों में प्रारंभ किया गया था.  इस प्रकार प्रत्येक हेड स्टार्ट केंद्र पर पर्याप्त संख्या में बच्चो के लिए पुस्तके उपलब्द्ध है. लेकिन क्या कभी भी बच्चो को इन पुस्तकों को पढने के लिए उपलब्द्ध कराया जाता है  ?

विज्ञान क्लब की स्थापना
प्रत्येक हेड स्टार्ट  जनशिक्षा केंद्र में उपलब्द्ध कंप्यूटर की क्षमताओं का अधिक से अधिक  उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पाठ्य सहगामी क्रियाओं के साथ कंप्यूटर का प्रयोग किया जाना चाहिए. कंप्यूटर के उपयोग से जानकारियों का एकत्रीकरण, विश्लेषण एवं प्रतुतिकरण की दक्षता का विकास होगा. जिससे की बच्चे वैज्ञानिक एवं तर्कपूर्ण विधियों से सोचने के लिए प्रेरित होगे.
विज्ञान क्लब के उद्देश्य-
विधार्थियों एवं शिक्षको में वैज्ञानिक द्रष्टिकोण विकसित करना
विद्यार्थियों और समाज में विवेकपूर्ण और वैज्ञानिक सोच विकसित करना
प्रतिदिन की समसयाओ को हल करने के लिए वैज्ञानिक विधि के उपयोग की आदत डालना
जानकारियों का संग्रहण, संगठन, प्रक्रिया और पुनः प्राप्ति के कौशलो का विकास करना
वैज्ञानिक जानकारियों के प्रस्तुतीकरण के कौशल विकसित करना
सभी क्षेत्रो में गुणवत्तापूर्ण जानकारियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी  के उपयोग को बढ़ावा देना

विज्ञानं क्लब के लक्ष्य
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक द्रष्टिकोण   के विकास के लिए प्रत्येक हेड स्टार्ट  जनशिक्षा केंद्र में विज्ञान क्लब की स्थापना की गई है. इसके अंतर्गत कंप्यूटर की मदद से निम्नलिखित गतिविधिया की जा सकती है -
डेटा बेस निर्माण-जानकारियों का संग्रहण, संगठन, प्रक्रिया और पुनः प्राप्ति के कौशलो का विकास
वैज्ञानिक जानकारियों के प्रस्तुतीकरण के कौशल विकसित करना
साइंस प्रोजेक्ट्स से सम्बंधित रिपोर्ट बनाना
विज्ञान क्लब पत्रिका प्रकाशन
विभिन्न ग्राफ/ चित्र/सारणी के प्रिंट निकालकर विज्ञान प्रयोग  शाला में प्रदर्शित करना
सभी क्षेत्रो में गुणवत्तापूर्ण जानकारियों के लिए सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देना