14 January, 2011

आम आदमी का जीना मुश्किल

महगाई कम करे सरकार
केंद्र सरकार महगाई रोकने के लिए प्रयास करने की बात तो कर रही है पर ऐसा होता कही नजर नहीं आ रहा है. महगाई के कारण आम आदमी को जीना दुश्वार होता जा रहा है. केंद्र सरकार से आम आदमी के हित में अपेक्षा है की वह बैठको की नौटंकी छोड़ महगाई को कम करने के लिए सार्थक प्रयास करे.

देश के प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह, वित्त मंत्री  पी चिदंबरम, कृषि मंत्री शरद पवार आदि ने महगाई को कम करने के लिए बैठक को आयोजित किया. बैठक आयोजन से सभी को उम्मीद थी की देश के शीर्स्थ नेता आम आदमी को हलाकान कर रहे इस मसले पर गंभीरता से विचार कर कोई ऐसे उपाय तलाशेगे जिनसे लोगो  को महगाई से राहत मिलेगी. हुआ उल्टा सभी नेता यह कहते हुए बाहर आ गए की महगाई कम करने के बारे में कोई निर्णय नहीं हो पाया.

यह देश के लोगो के साथ मजाक जैसा हुआ. इस गंभीर मसले पर ऐसा कहना वास्तव में देश के आम गरीब आदमी की आशाओं  को तोड़ देना ही है. यू पी ऐ  सरकार के घटक आपस में ही उलझ कर लोगो का ध्यान बाटने का प्रयास कर रहे है. जो सरकार चला रहा है महगाई पर नियंत्रण उसी के हाथ में है.

वास्तव में एक दूसरे पर दोषारोपण तो अपना दामन बचाने की कोशिश है. पिछले  दिनों जिस तरह के गंभीर आर्थिक घोटाले सामने  आये है वे शर्मनाक है उन घोटालो के लिए दोषी लोगो पर कार्रवाई करने से इसलिए बचा जा रहा है क्योकि घोटालो में कुछ ऐसे नाम शामिल है जो नहीं चाहते की उनका नाम सामने आये.

दाल, गेहू, तेल और यहाँ तक की प्याज, लहसुन के दाम भी आसमान को छू रहे है ऐसे में आम आदमी का जीना मुश्किल हो रहा है उस पर ईधन गैस और पेट्रोल और डीजल के दाम  बढ़ने की आशंका  आम आदमी को दहशत में डाल रही है.