14 January, 2011

नव वर्ष में शादियों की धूम

कुवारे नवयुवको एवं नवयुवतियो के लिए वर्ष 2011 खुशनुमा रहेगा, इस वर्ष शादी के अच्छे खासे शुभ मुहूर्त है. जनवरी से दिसंबर तक 49 मुहूर्त है. पंडित इन्द्रपाल शुक्ल,   ने बताया की मलमास 15 जनवरी संक्रांति से समाप्त हो रहा है, 16 जनवरी से विवाह की शुभ तिथिया आरम्भ होगी.

बाजारों में खरीदी  के लिए अभी से ही चहल-पहल दिखाई देने लगी है किराना, कपडा व बर्तन सहित सभी व्यापारियों द्वारा अपना स्टाक पूर्ण कर रखा गया है. उम्मीद है की वर्ष 2011 सभी के लिए अनुकूल रहेगा वही दूसरी ओर शीत लहर से फसलो पर पड़े प्रभाव से शादियों की खरीदी मुख्यरूप से ग्रामीण किसानो  की खरीदी  में फीकापन होने की उम्मीद की जा रही है

जनवरी से मार्च  तक अधिकतर शादिया शहरी क्षेत्रो में है, इससे बाजारों में थोड़ी चहल-पहल रहेगी. ग्रामीण क्षेत्रो के विवाह अप्रेल-मई में अधिक रहेगे. फरवरी-मार्च की शादियों के बीच में बोर्ड व सेमेस्टर परीक्षा होने से विद्यार्थी  को मौज मस्ती का अवसर नहीं मिल सकेगा.

मलमास समाप्त, शुभ कार्य प्रारंभ
पंडित इन्द्रपाल शुक्ल ने बताया की 15 जनवरी 2011 से धनु मलमास समाप्त हो रहा है, मकर राशी में सूर्य के आने से 16 जनवरी से गृह-प्रवेश, विवाह सहित सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ होगे. जनवरी से दिसंबर तक कुल 49 शुभ मुहूर्त है. सर्वाधिक शुभ मुहूर्त मई-जून में 98 व 19 दिन दिन रहेगे.

15 मार्च से 14 अप्रेल तक मीन का सूर्य होने से एक माह तक विवाह कार्य बंद रहेगे, उसके पश्चाप 11 जुलाई से देवशयनी एकादशी से शुभ कार्यो पर रोक चार माह के लिए लगेगी, जो पुनः देव प्रबोधनी एकादशी 6   नवम्बर 2011 दिन  रविवार से ख़त्म होगी. उसके बाद सभी शुभ कार्य प्रारंभ होगे.