05 February, 2011

मध्याह्न भोजन की पूरे जिले में चल रही कमीशनखोरी


स्कूलों में मध्याह्न भोजन क ठेका संचालित करने को लेकर पहले भी ग्रामीण क्षेत्रो में कई बार विवाद की स्थितिया निर्मित हो चुकी है. मध्याह्न भोजन क ठेका संचालित करने से होने वाली कमाई के चलते चाहे नेता हो या फिर अधिकारी, हर कोई इसमें अपना  मुनाफा देख रहा है. जिला पंचायत द्वारा जहा मनमाने तरीके से इस व्यस्था को संचालित किया जा रहा है तो वही जनपद पंचायतो और ग्राम पंचायतो में भी कुछ इसी तरह का आलम है.

कटनी जिले की बडवारा जनपद पपंचायत  में भी पिछले एक अरसे से कुछ ऐसा ही हो रहा था, जिसका परिणाम कल सी ई ओ और पूर्व जनपद सदस्य के बीच हाथापाई के रूप में सामने आया. दरअसल नेता अपने  रौब के चलते इस व्यस्था को हथियाना  चाहते है तो अधिकारियो को भी इसमें भारी भरकम कमी नजर आ रही है. यही कारण है की जब जनपद सी ई ओ के सामने नेता जी की नहीं चली तो नौबत मारपीट तक जा पहुची. गौरतलब है की केंद्र  के निर्देश पर प्रदेश सभी स्कूल में बच्चो को दोपहर में मध्याह्न भोजन दिया जाता है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने का  जिम्मा  जिला पंचायत द्वारा संचालित स्व सहायता समूहों को दिया गया है.

जिला पंचायत के निर्देश पर जनपद पंचायतो और ग्राम पंचायतो के माध्यम से स्व सहायता समूहों को मध्याह्न भोजन की व्यस्था सौपी गई है. इसके लिए स्व सय्हयता समूहों को बच्चो की निर्धारित संख्या के मान से राशी भी दी जाती है. कमीशनखोरी का यह खेल जिला पंचायत से होता हुआ ग्राम पंचायत में आकर ठहरता है. इस मामले में भी  कुछ ऐसा ही हुआ . जिला पंचायत ने बडवारा जनपद के अंतर्गत ग्राम बसाड़ी में संचालित शासकीय स्कूल में मध्याह्न भोजन का  ठेका संचालित करने  की अनुमति गायत्री स्व सहायता समूह को दी थी लेकिन इस समूह की शिकायतों के मद्देनजर जनपद पंचायत बडवारा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी दयाशंकर सिंह ने गायत्री स्व सहायता समूह का ठेका निरस्त करते हुए गाँव के ही एक दूसरे सरस्वती स्व सहायता समूह को इस व्यस्था को संचालित करने का ठेका दे दिया. सी ई ओ के इस आदेश के बाद जिला पंचायत सदस्य श्रीमती रंजीता  सिंह के पति एवं पूर्व जनपद सदस्य बसंत सिंह  ने सी ई ओ से शिकायत की.

बताया  जाता है की इस बात को लेकर सी ई ओ और बसंत सिंह के बीच गर्मागर्म बहस हो गई और नौबत हतापाई तक पहुच गई. इस घटना से जनपद कार्यालय में हडकंप मच गया. घटना के बाद बडवारा थाने पहुचे बसंत ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई . पुलिस ने उनका डाक्टरी मुलाहिजा करवाया. इसके बाद सी ई ओ दयाशंकर सिंह भी थाने पहुचे और घटना  की शिकायत की.

सी ई ओ की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया पुलिस ने
बडवारा पुलिस ने जनपद पंचायत बडवारा में कल दोपहर हुई मारपीट के मामले में मुख्य कार्पालन अधिकारी दयाशंकर सिंह के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने के मामले में बसंत सिंह के विरुद्ध धारा 353 , 332 के तहत मामला दर्ज किया है. बडवारा पुलिस ने बताया  की पूर्व जनपद सदस्य बसंत द्वारा की गई शिकायत की जाँच की जा रही है.

घटना के विरोध में लामबंद हुए सी ई ओ
बडवारा जनपद पंचायत कार्यालय में कल दोपहर सी ई ओ के साथ हुई मारपीट के विरोध में पूरे जिले के सी ई ओ लामबंद हो गए  है. जिले के विजयराघवगढ़, रीठी, कटनी, ढीमर खेडा , बहोरीबंद जनपद पंचायत के मुख्य कर्यपालन अधिकारियो ने आज सयुक्त कलेक्टर ऐ वी सिंह व बडवारा सी ई ओ दयाशंकर सिंह के साथ कलेक्ट्रेट  पहुचकर कलेक्टर एम् शेल्वेंद्रण को एक ज्ञापन सौपा और आरोपी बसंत सिंह की गिरफ्तारी की मांग की. ज्ञापन में कहा गया है की रंजीता सिंह जिला पंचायत सदस्य है लेकिन शासकीय कार्यालयों और बैठको में उनके पति बसंत सिंह जाते है . जो की नियम विरुद्ध है. इस अवसर पर विजय रह्गाव गढ़  सी ई ओ श्रीमती बसन्ती दुबे, रीठी सी ई ओ पंकज जैन, कटनी सी ई ओ अनुराग मोदी, ढीमर खेडा  सी ई ओ एम् एस सियाम  व बहोरिबंद सी ई ओ के के रैकवार उपस्थि रहे.